बिहार

TenderScam – चर्चित टेंडर मामले में रिमांड पर फैसला सुरक्षित

TenderScam – बिहार के बहुचर्चित टेंडर अनियमितता मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने पटना के बेऊर जेल में बंद ठेकेदार रिशुश्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेने की मांग करते हुए निगरानी अदालत का रुख किया है। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

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जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े कई पहलुओं की गहराई से जांच के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। वहीं बचाव पक्ष ने रिमांड की मांग का विरोध करते हुए इसे कानूनी रूप से अनुचित बताया।

अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें

सुनवाई के दौरान SVU की ओर से अदालत से सात दिन की पुलिस रिमांड की अनुमति मांगी गई। एजेंसी का तर्क था कि कथित टेंडर गड़बड़ी से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जानी बाकी है।

दूसरी ओर, आरोपी पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज हुए काफी समय बीत चुका है। उनका कहना था कि जांच एजेंसी ने लंबे समय तक आरोपी को पूछताछ के लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया और अब रिमांड की मांग की जा रही है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

गिरफ्तारी के दौरान मिली थीं कई वस्तुएं

रिशु रंजन सिन्हा को मई के अंतिम सप्ताह में पटना स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान सोना, चांदी, हीरे के आभूषण और नकद राशि बरामद हुई थी। इन्हीं बरामदगी और दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप

जांच एजेंसियों का आरोप है कि सरकारी निविदाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में कथित तौर पर हेरफेर कर कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। आरोपों के अनुसार, इस मामले में कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत की भी आशंका जताई गई है।

हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल एजेंसियां दस्तावेजी साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं।

कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई

इस मामले की जांच के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। हाल के दिनों में विभिन्न विभागों से जुड़े कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें इंजीनियरिंग और प्रशासनिक स्तर के अधिकारी शामिल बताए गए हैं।

इसके अलावा राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के आधार पर दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित भी किया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

जांच में कई एजेंसियां सक्रिय

इस प्रकरण की शुरुआत सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितताओं की जांच से हुई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा जुटाई गई जानकारियों के आधार पर SVU ने अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू की थी।

अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और निविदा प्रक्रियाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है। अदालत के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।

फिलहाल सभी की नजर निगरानी अदालत के उस निर्णय पर है, जिसमें यह तय होगा कि आरोपी को आगे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर दिया जाएगा या नहीं।

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