BullionMarket – वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी की कीमतों में आया तेज उछाल
BullionMarket – अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। घरेलू कमोडिटी बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के दाम चढ़े हुए नजर आए। निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी की कीमत में करीब 1.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह लगभग 2,82,463 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। वहीं सोना भी मजबूत रुख के साथ कारोबार करता दिखा। 10 ग्राम सोने का भाव लगभग 1,54,150 रुपये के आसपास दर्ज किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी कायम
विदेशी बाजारों में भी सोना और चांदी दोनों में मजबूती देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर की कीमत बढ़कर 86 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी में सात प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई थी, जिसे हाल के समय की बड़ी उछाल माना जा रहा है।
स्पॉट गोल्ड भी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी तेजी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाकर सुरक्षित संपत्तियों की तरफ बढ़ रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर सीधे कमोडिटी बाजार पर दिखाई दे रहा है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंता बढ़ी हुई है, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है।
यदि इस क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ती है तो कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। यही वजह है कि निवेशकों ने सोना और चांदी में खरीदारी बढ़ा दी है।
अमेरिकी बयानबाजी से बाजार में अस्थिरता
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत को लेकर भी बाजार सतर्क बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाया है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।
अब निवेशकों की नजर अमेरिका और चीन के शीर्ष नेतृत्व के बीच संभावित बातचीत पर भी टिकी हुई है। व्यापार और वैश्विक तनाव से जुड़े मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं का असर आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकता है।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड ने भी दिया सहारा
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में नरमी ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया है। जब डॉलर कमजोर होता है तो अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कम ब्याज दरों और अनिश्चित आर्थिक माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। यही कारण है कि सोने और चांदी में फिलहाल मजबूती बनी हुई है।
आगे कैसा रह सकता है रुख
बुलियन मार्केट से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा ऊंचे स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। हालांकि वैश्विक तनाव जारी रहने पर सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों को फिलहाल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए क्योंकि इन्हीं कारकों से आने वाले दिनों में बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है।