Fundraising – बोर्ड बैठक से पहले जी एंटरटेनमेंट के शेयरों में हुई तेज खरीदारी
Fundraising – सोमवार को शेयर बाजार में व्यापक दबाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के शेयरों ने निवेशकों का खास ध्यान आकर्षित किया। जहां अधिकांश शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, वहीं कंपनी का स्टॉक करीब 4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 117.20 रुपये तक पहुंच गया। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में भी शेयर में लगातार मजबूती बनी हुई है और बीते 10 ट्रेडिंग दिनों के दौरान इसमें लगभग 40 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।

10 जून की बोर्ड बैठक पर बाजार की नजर
कंपनी ने जानकारी दी है कि 10 जून को होने वाली बोर्ड बैठक में पूंजी जुटाने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। इसके तहत इक्विटी शेयर या ऐसे वित्तीय साधनों के जरिए धन जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी जिन्हें भविष्य में इक्विटी में बदला जा सकता है। इस घोषणा के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है और बाजार अब बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहा है।
पहले भी आ चुका है फंड जुटाने का प्रस्ताव
यह पहला मौका नहीं है जब कंपनी पूंजी जुटाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। जुलाई 2025 में प्रमोटरों को कन्वर्टिबल वारंट जारी करने का प्रस्ताव शेयरधारकों के सामने रखा गया था, लेकिन उसे आवश्यक समर्थन नहीं मिल पाया था। प्रस्ताव के पक्ष में केवल 59.5 प्रतिशत वोट पड़े थे, जबकि इसे मंजूरी के लिए 75 प्रतिशत समर्थन जरूरी था। उस समय कई निवेशकों और प्रॉक्सी सलाहकार संस्थाओं ने भी इस योजना पर सवाल उठाए थे, क्योंकि कंपनी के पास पहले से पर्याप्त नकदी उपलब्ध थी।
निवेशकों के मन में कई सवाल
कंपनी के नए फंड जुटाने के प्रस्ताव को लेकर निवेशकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। बाजार यह समझना चाहता है कि अतिरिक्त पूंजी की जरूरत किन उद्देश्यों के लिए महसूस की जा रही है और संभावित रूप से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग किन परियोजनाओं या कारोबारी विस्तार योजनाओं में किया जाएगा। बोर्ड बैठक के बाद इन सवालों पर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।
फीफा टूर्नामेंट के अधिकार से बढ़ी संभावनाएं
हाल के महीनों में जी एंटरटेनमेंट ने अपने कारोबार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कंपनी ने भारत में 39 वैश्विक फीफा टूर्नामेंटों के प्रसारण और डिजिटल स्ट्रीमिंग अधिकार हासिल किए हैं। इनमें फीफा विश्व कप 2026 और फीफा विश्व कप 2030 जैसे प्रमुख आयोजन भी शामिल हैं। अगले आठ वर्षों तक कंपनी अपने खेल चैनलों और डिजिटल मंच ZEE5 के जरिए इन प्रतियोगिताओं का प्रसारण करेगी, जिससे दर्शकों तक उसकी पहुंच और मजबूत होने की संभावना है।
मार्च तिमाही में घाटे का सामना
वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी से मार्च तिमाही कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण रही। बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी को 103.7 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में 188.4 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया था। कंपनी की कुल आय भी सालाना आधार पर घटकर 2,101.1 करोड़ रुपये रह गई। दूसरी ओर, खर्च बढ़कर 2,341.8 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे लाभप्रदता पर असर पड़ा।
सालाना नतीजों में भी दिखा दबाव
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग 60 प्रतिशत घटकर 271.3 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि कुल आय करीब 8,245 करोड़ रुपये के स्तर पर स्थिर बनी रही। कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए प्रति शेयर 2 रुपये के डिविडेंड की भी सिफारिश की है, जिसका अंतिम निर्णय संबंधित प्रक्रियाओं के बाद लिया जाएगा।