GoldPrice – 48 घंटे में सोना-चांदी में जोरदार तेजी, वैश्विक संकेतों से बढ़ी बाजार की हलचल
GoldPrice- पिछले दो दिनों के दौरान घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार देर रात सोना लगभग 1,48,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी का भाव करीब 2,27,490 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। सोमवार की तुलना में सोने में करीब 5,750 रुपये और चांदी में लगभग 11,000 रुपये से अधिक की तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों और कारोबारियों की नजरें एक बार फिर कीमती धातुओं पर टिक गई हैं।

रिकॉर्ड स्तर से अब भी नीचे कारोबार
हालिया उछाल के बावजूद सोना और चांदी अपने अब तक के सर्वोच्च स्तर से नीचे बने हुए हैं। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, जनवरी के अंत में सोना लगभग 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था। मौजूदा भाव उस स्तर से करीब 44 हजार रुपये कम हैं। इसी तरह चांदी का रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है, जिसके मुकाबले वर्तमान कीमत अभी भी काफी नीचे बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला समर्थन
वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं में मजबूती का रुख दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई और यह 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास पहुंच गया। सिंगापुर के शुरुआती कारोबार में भी सोना बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी में भी हल्की तेजी दर्ज की गई, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इसमें चार प्रतिशत से अधिक की छलांग देखने को मिली थी।
भू-राजनीतिक घटनाक्रम का दिखा असर
विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया से जुड़े हालिया घटनाक्रमों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सकारात्मक संकेत मिलने और क्षेत्रीय तनाव में संभावित नरमी की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इससे ऊर्जा बाजार पर बना दबाव कुछ कम हुआ है, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों और कीमती धातुओं की चाल पर भी देखने को मिल रहा है।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर निवेशकों की नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ जारी बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास जारी हैं। उनके बयान के बाद बाजार में यह उम्मीद मजबूत हुई कि तनाव कम होने की स्थिति में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता घट सकती है। ऐसे संकेतों का असर निवेशकों की रणनीति और सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग पर भी पड़ता है।
ब्याज दरों की उम्मीदों में बदलाव
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों में सुधार की संभावनाओं के चलते केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की अपेक्षाओं में बदलाव आया है। पहले जहां इस वर्ष दो बार दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही थी, वहीं अब कई निवेशक सीमित बढ़ोतरी की संभावना देख रहे हैं। ब्याज दरों की दिशा में बदलाव की उम्मीद अक्सर सोने और अन्य कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करती है, क्योंकि इन्हें सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जाता है।
हालिया उतार-चढ़ाव की पृष्ठभूमि
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में वैश्विक तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई से जुड़ी चिंताओं ने सोने और चांदी की कीमतों में तेज बदलाव पैदा किए हैं। हालिया तेजी यह संकेत देती है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और निवेशकों की बदलती धारणा आने वाले दिनों में भी कीमती धातुओं की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।