बिज़नेस

GoldPrice – गिरावट के बाद सोने-चांदी में जोरदार उछाल, बाजार में हलचल

GoldPrice – हफ्ते की शुरुआत में तेज गिरावट झेलने के बाद शुक्रवार को सर्राफा बाजार में राहत के संकेत देखने को मिले। सोने और चांदी की कीमतों में अचानक आई मजबूती ने निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौटाया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सुबह के कारोबार में दोनों धातुओं में अच्छी बढ़त दर्ज की गई, हालांकि बाजार की दिशा अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं मानी जा रही।

gold silver price rise market volatility update

सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज
शुक्रवार को सोने की कीमतों में करीब 3,350 रुपये की बढ़त देखने को मिली, जिससे इसका भाव 1,48,302 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यह बढ़त लगभग 2.30 प्रतिशत के आसपास रही। इसी तरह चांदी ने भी मजबूत प्रदर्शन किया और 8,540 रुपये की छलांग के साथ 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। एक दिन पहले आई गिरावट के बाद यह तेजी बाजार के लिए राहतभरी मानी जा रही है।

गिरावट के बाद खरीदारी से बढ़ी मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया उछाल का मुख्य कारण वैल्यू बाइंग है। जब कीमतें नीचे आती हैं, तो कई निवेशक इसे खरीदारी का अवसर मानते हैं और बाजार में मांग बढ़ जाती है। इसी प्रवृत्ति के चलते शुक्रवार को कीमतों में सुधार देखने को मिला। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि यह तेजी स्थायी होगी या नहीं, इस पर अभी स्पष्ट संकेत नहीं हैं।

गुरुवार की गिरावट ने बढ़ाई थी चिंता
इससे एक दिन पहले बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसने निवेशकों को चौंका दिया था। सोना करीब 5 प्रतिशत टूटकर 1,44,954 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि चांदी में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई थी और इसका भाव 2,31,460 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया था। इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारणों को अहम माना गया।

वैश्विक कारकों का बाजार पर असर
डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई को लेकर बनी अनिश्चितता ने सोने-चांदी पर दबाव बनाया था। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने जैसे निवेश विकल्प अपेक्षाकृत कम आकर्षक हो जाते हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका भी बाजार की चाल को प्रभावित कर रही है।

सप्ताहभर में गिरावट का रहा दबाव
अगर पूरे सप्ताह की बात करें तो सोने की कीमतों में अब तक करीब 10,600 रुपये यानी लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला, जहां लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट की स्थिति बनी हुई है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में अस्थिरता अभी खत्म नहीं हुई है।

आगे के रुझान को लेकर सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोना अभी भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना रह सकता है, खासकर जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और भू-राजनीतिक परिस्थितियां इसके समर्थन में हैं। हालांकि, अल्पकाल में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.