GoldPrice – सोने और चांदी की कीमतों में आई बड़ी गिरावट
GoldPrice – घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दोनों कीमती धातुओं के भाव दबाव में दिखाई दिए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई, ऊंची ब्याज दरें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का असर निवेशकों की रणनीति पर साफ नजर आ रहा है।

एमसीएक्स पर जुलाई 2026 सिल्वर फ्यूचर्स में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली, जिसके बाद इसका भाव लगभग 2.79 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया। वहीं जून 2026 गोल्ड फ्यूचर्स भी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार चौथे दिन कमजोरी
वैश्विक बाजारों में भी सोना और चांदी दबाव में बने हुए हैं। शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों की नजर अमेरिका और चीन के बीच चल रही आर्थिक और व्यापारिक चर्चाओं पर बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेतों ने कीमती धातुओं की मांग को प्रभावित किया है। स्पॉट सिल्वर में भी गिरावट देखी गई, जबकि प्लेटिनम के दामों में भी कमजोरी दर्ज हुई।
घरेलू बाजार में क्या रहे सोने के भाव
दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी सोने की कीमतों में नरमी दिखाई दी। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना लगभग 1.29 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 1.19 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया।
मुंबई में भी कीमतें लगभग इसी दायरे में बनी रहीं। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि हाल के दिनों में तेजी के बाद अब बाजार में मुनाफावसूली का असर भी देखने को मिल रहा है। इसके चलते कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।
निवेशकों के लिए सतर्क रहने की सलाह
बाजार जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। उनका मानना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकेतों और डॉलर इंडेक्स की चाल पर निवेशकों की निगाह टिकी हुई है। इसके अलावा अमेरिका और चीन के बीच बातचीत का असर भी कमोडिटी बाजार पर पड़ सकता है।
कुछ विशेषज्ञ फिलहाल नए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय बाजार के अगले संकेतों का इंतजार करना बेहतर हो सकता है।
महंगाई और ब्याज दरों का दिख रहा असर
विश्लेषकों के मुताबिक, लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बने रहने की आशंका ने भी सोने की चमक को प्रभावित किया है। आमतौर पर जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तब निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों के बजाय अन्य परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि हाल के दिनों में कीमती धातुओं में दबाव बना हुआ है।
हालांकि, जानकार यह भी मानते हैं कि वैश्विक तनाव या आर्थिक अस्थिरता बढ़ने पर सोने की मांग फिर से मजबूत हो सकती है। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।