GoldPrice – वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट
GoldPrice – अंतरराष्ट्रीय हालात और आर्थिक संकेतकों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में सोना करीब 350 रुपये गिरकर 1,49,625 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में भी शुरुआती कारोबार में लगभग 1,600 रुपये की कमी आई और यह 2,31,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। वैश्विक बाजारों में भी यही रुख बना हुआ है, जहां सोने के दाम लगातार तीसरे दिन कमजोर पड़े हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव कायम
विदेशी बाजारों की बात करें तो सिंगापुर में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। यहां सोना करीब 0.5 प्रतिशत फिसलकर 4,627 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह और नीचे जाकर 4,620 डॉलर तक भी चला गया था। बीते दो सत्रों में सोना पहले ही 2 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है। इसी तरह चांदी की कीमत भी कमजोर रही और यह करीब 1.2 प्रतिशत गिरकर 71.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका से ऊर्जा संकट और महंगाई बढ़ने की चिंता भी गहराई है। इस माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों में बदलाव कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग पर असर पड़ा है।
ब्याज दरों की आशंका से दबाव
वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो सकती है। यदि दरें ऊंची बनी रहती हैं या बढ़ती हैं, तो निवेशक ब्याज देने वाले साधनों की ओर झुकते हैं। चूंकि सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए ऐसे समय में इसकी मांग कमजोर पड़ती है।
तेल और सोने के बीच बदलता संबंध
हाल के महीनों में सोने और कच्चे तेल के दामों के बीच एक अलग तरह का रुझान देखने को मिला है। जहां तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है, वहीं सोना दबाव में है। फरवरी के अंत से शुरू हुए क्षेत्रीय संघर्ष के बाद सोना लगभग 12 प्रतिशत तक कमजोर हो चुका है। विशेषज्ञ मानते हैं कि निवेशक अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी सोने की बिक्री कर रहे हैं।
अमेरिकी आर्थिक संकेतकों का प्रभाव
अमेरिका से आए हालिया आर्थिक आंकड़ों ने भी बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। सेवा क्षेत्र की वृद्धि में मंदी और रोजगार के आंकड़ों में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क किया है। साथ ही लागत बढ़ने के संकेत भी सामने आए हैं, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इन कारकों का असर भी सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है।
गिरावट के बीच खरीदारी के संकेत
हालांकि कीमतों में गिरावट के बीच कुछ निवेशक इसे अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, गोल्ड आधारित निवेश साधनों में पिछले सप्ताह निवेश बढ़ा है। यह संकेत देता है कि निचले स्तर पर खरीदारी की रुचि बनी हुई है, जिससे आने वाले समय में कीमतों में स्थिरता आ सकती है।