IPOUpdate – रिकोड स्टूडियोज आईपीओ को मिला निवेशकों का जबरदस्त समर्थन
IPOUpdate – शेयर बाजार में इस समय चुनिंदा कंपनियों के आईपीओ ही निवेशकों का ध्यान खींच पा रहे हैं। इसी बीच SME सेक्टर की कंपनी रिकोड स्टूडियोज का आईपीओ बाजार में चर्चा का विषय बन गया है। निवेशकों की भारी दिलचस्पी के चलते यह इश्यू कुछ ही दिनों में कई गुना सब्सक्राइब हो गया।

तीन दिन में कई गुना भरा आईपीओ
रिकोड स्टूडियोज के आईपीओ को निवेशकों से जोरदार प्रतिक्रिया मिली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू कुल मिलाकर 234 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। खास बात यह रही कि गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में सबसे ज्यादा आवेदन आए।
रिटेल निवेशकों के हिस्से को 216 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में भी मजबूत भागीदारी देखी गई। एनआईआई कैटेगरी में मांग सबसे अधिक रही, जहां यह हिस्सा 400 गुना से ज्यादा भर गया।
मई में खुला था आईपीओ
कंपनी का आईपीओ 5 मई को निवेशकों के लिए खुला था और 7 मई तक इसमें आवेदन किए गए। इस सार्वजनिक निर्गम का कुल आकार करीब 44.59 करोड़ रुपये रखा गया था।
इस इश्यू में कंपनी ने नए शेयर जारी करने के साथ ऑफर फॉर सेल का विकल्प भी शामिल किया था। जानकारी के मुताबिक कंपनी ने लगभग 25 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं।
प्राइस बैंड और निवेश सीमा
रिकोड स्टूडियोज ने अपने आईपीओ के लिए 150 से 158 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। कंपनी ने 800 शेयरों का एक लॉट निर्धारित किया।
रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम दो लॉट में आवेदन करना जरूरी था। इसी कारण छोटे निवेशकों को भी इस इश्यू में भाग लेने के लिए अच्छी-खासी रकम निवेश करनी पड़ी।
ग्रे मार्केट में मजबूत संकेत
बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ को लेकर सकारात्मक माहौल देखा गया। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस से ऊपर प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे।
जानकारों के मुताबिक, मजबूत सब्सक्रिप्शन और सकारात्मक ग्रे मार्केट संकेतों ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया। हालांकि बाजार विशेषज्ञ लगातार यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेशकों को किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिमों का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए।
जुटाई गई रकम का होगा इस्तेमाल
कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग कारोबार विस्तार के लिए किया जाएगा। इसके तहत पंजाब के लुधियाना में नया वेयरहाउस स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
इसके अलावा कंपनी मार्केटिंग और प्रचार गतिविधियों पर भी बड़ी राशि खर्च करने वाली है, ताकि अपने ब्रांड की पहुंच को और मजबूत किया जा सके।
SME आईपीओ में बढ़ी दिलचस्पी
पिछले कुछ समय में SME प्लेटफॉर्म पर आने वाले आईपीओ को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। कम आकार के इश्यू होने के बावजूद इनमें उच्च सब्सक्रिप्शन देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि छोटे और मध्यम स्तर की कंपनियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि की वजह तेजी से बढ़ते कारोबार और लिस्टिंग गेन की उम्मीदें हैं। हालांकि निवेश से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल और बाजार की स्थिति को समझना जरूरी माना जाता है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आईपीओ में मजबूत सब्सक्रिप्शन हमेशा बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं होता। इसलिए निवेशकों को सिर्फ चर्चा या ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर फैसला लेने से बचना चाहिए।
शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है और किसी भी निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर माना जाता है।