RishiKapoor – सामने आया फिल्म सेट पर ऋषि कपूर के सख्त स्वभाव से जुड़ा नया किस्सा
RishiKapoor – दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर अपने बेबाक स्वभाव और अनुशासन को लेकर अक्सर चर्चा में रहते थे। उनके साथ काम कर चुके कई लोग समय-समय पर शूटिंग के दौरान के अनुभव साझा करते रहे हैं। अब फिल्म ‘दो दूनी चार’ के लाइन प्रोड्यूसर रहे सुमित त्यागी ने एक पॉडकास्ट में ऋषि कपूर से जुड़ी कई पुरानी यादों का जिक्र किया है। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि अभिनेता अपने काम को लेकर बेहद गंभीर रहते थे और सेट पर हर किसी से उसी स्तर की प्रतिबद्धता की अपेक्षा रखते थे।

सेट पर अनुशासन को देते थे प्राथमिकता
सुमित त्यागी ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान अधिकांश लोग ऋषि कपूर के सामने काफी सतर्क रहते थे। उनके अनुसार, अभिनेता छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान देते थे और अपने किरदार से जुड़ी तैयारियों में किसी तरह की लापरवाही पसंद नहीं करते थे। सुमित ने कहा कि ऋषि कपूर अपने लंबे अनुभव के आधार पर कलाकारों और टीम के सदस्यों को लगातार सुझाव देते थे, हालांकि युवा कलाकार हमेशा उन बातों पर उतना ध्यान नहीं देते थे जितनी अपेक्षा वह करते थे।
रणबीर कपूर के इंटरव्यू का किया जिक्र
पॉडकास्ट में सुमित ने एक पुराना वाकया भी साझा किया। उनके अनुसार, एक बार ऋषि कपूर टीवी पर रणबीर कपूर का इंटरव्यू देख रहे थे। इंटरव्यू के दौरान रणबीर ने बताया था कि उन्होंने जीवन में एक बार गांजा आजमाया था। सुमित के मुताबिक, यह सुनने के बाद ऋषि कपूर ने रणबीर को अपने पास बुलाया और इस विषय पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने खुद वहां से हट जाना ही बेहतर समझा।
पिता-पुत्र के रिश्ते को लेकर भी किया जिक्र
सुमित त्यागी ने बताया कि उस दौर में रणबीर कपूर अपने पिता के सामने आने से भी कई बार झिझकते थे। उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि रणबीर एक बार शूटिंग के दौरान केवल अपनी मां नीतू कपूर से मिलने आए और फिर वापस चले गए। सुमित के अनुसार, परिवार के भीतर ऋषि कपूर का व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली था। उन्होंने यह भी बताया कि नीतू कपूर कभी-कभी मजाकिया अंदाज में परिवार से जुड़े किस्से साझा करती थीं, जिससे माहौल हल्का हो जाता था।
नीतू कपूर के व्यवहार की सराहना
सुमित ने बातचीत में नीतू कपूर के स्वभाव की भी तारीफ की। उनके अनुसार, वह सेट पर मौजूद सभी लोगों के साथ आत्मीयता से पेश आती थीं। अक्सर टीम के सदस्यों के लिए खाने-पीने की चीजें लेकर आती थीं और सभी को नाम से बुलाकर उनका हालचाल पूछती थीं। उन्होंने कहा कि नीतू कपूर का व्यवहार पूरी यूनिट के लिए सहज और अपनापन भरा होता था, जबकि ऋषि कपूर अपनी स्पष्टवादिता के लिए पहचाने जाते थे।
विदाई के समय दी यादगार सीख
सुमित त्यागी ने बताया कि फिल्म की शूटिंग पूरी होने के अंतिम दिन ऋषि कपूर ने उन्हें अपने पास बुलाकर एक महत्वपूर्ण बात कही, जिसे वह आज भी याद रखते हैं। उनके अनुसार, अभिनेता ने कहा कि प्रोडक्शन से जुड़े कई काम लोग सीख सकते हैं, लेकिन कलाकारों के साथ संतुलित तरीके से काम करना सबसे बड़ी कला होती है। उन्होंने सुमित को यह भरोसा भी दिलाया कि यदि वह ऋषि कपूर जैसे कलाकार के साथ सफलतापूर्वक काम कर चुके हैं, तो भविष्य में किसी भी अभिनेता के साथ काम करने में सक्षम रहेंगे। सुमित ने कहा कि यह सलाह उनके पेशेवर जीवन की सबसे मूल्यवान सीखों में शामिल है।