UshaNadkarni – 40 साल से अकेले रह रहीं अभिनेत्री ने साझा किए जीवन के कठिन अनुभव
UshaNadkarni – टीवी धारावाहिक ‘पवित्र रिश्ता’ से घर-घर में पहचान बनाने वाली वरिष्ठ अभिनेत्री उषा नाडकर्णी ने अपने निजी जीवन से जुड़े कई भावुक अनुभव साझा किए हैं। 80 वर्ष की उम्र में भी अभिनय की दुनिया में सक्रिय उषा ने बताया कि वह पिछले लगभग चार दशक से अकेले रह रही हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ अकेले रहने की आदत बन गई है और अब उन्हें इससे कोई परेशानी महसूस नहीं होती।

वर्षों पहले पति से अलग हो गई थीं
एक हालिया बातचीत में उषा नाडकर्णी ने पहली बार अपने वैवाहिक जीवन पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पहले उनका और उनके पति का अलगाव हो गया था। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस रिश्ते को लेकर उनके मन में किसी तरह की नाराजगी या कटुता नहीं है। उन्होंने कहा कि बीती बातों को पीछे छोड़कर उन्होंने अपने जीवन को आगे बढ़ाया।
बेटे की परवरिश परिवार के साथ हुई
अभिनेत्री ने बताया कि उनका एक बेटा है, जो अब विदेश में रहता है। उन्होंने कहा कि जब उनका बेटा छोटा था, तब उनके लगातार काम में व्यस्त रहने के कारण उसकी परवरिश मुख्य रूप से उसकी नानी के साथ हुई। अभिनय के क्षेत्र में व्यस्त कार्यक्रम होने की वजह से वह परिवार को उतना समय नहीं दे पाती थीं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने पेशे और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की।
अकेले रहने का डर अब नहीं सताता
उषा नाडकर्णी ने बताया कि वह वर्ष 1987 से अकेले रह रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में अकेले रहने के दौरान उन्हें काफी डर लगता था। उन्होंने बताया कि नए अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद कई बार वह सुरक्षा गार्ड से घर के दरवाजे तक छोड़ने के लिए कहती थीं क्योंकि उन्हें अनहोनी की आशंका रहती थी। लेकिन समय के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ा और अब वह बिना किसी भय के अकेले जीवन जी रही हैं।
जीवन और मृत्यु को लेकर रखती हैं सहज सोच
बातचीत के दौरान उषा ने जीवन और मृत्यु को लेकर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि कभी-कभी मन में यह ख्याल आता है कि यदि अकेले रहते हुए उनके साथ कुछ हो जाए तो लोगों को इसकी जानकारी कैसे मिलेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मृत्यु जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है और वह इससे डरती नहीं हैं। उनके अनुसार, हर व्यक्ति की जीवन यात्रा अलग होती है और भविष्य को लेकर अनावश्यक चिंता करने के बजाय वर्तमान में जीना अधिक महत्वपूर्ण है।
बचपन के कठिन दौर को किया याद
उषा नाडकर्णी ने अपने बचपन से जुड़ी कुछ मुश्किल यादों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता वायुसेना में अधिकारी थे और उनका स्वभाव काफी सख्त था। अभिनेत्री के अनुसार, बचपन में परिवार के सदस्यों को कई बार कठोर व्यवहार का सामना करना पड़ा। उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि जब उन्होंने अपने भाई को बचाने की कोशिश की, तब उन्हें भी चोट लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने काम और जिम्मेदारियों से पीछे हटना नहीं सीखा।
अभिनय के सपने के लिए करना पड़ा संघर्ष
उषा ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना अभिनेत्री बनने का था, लेकिन परिवार के सभी सदस्य इस फैसले से सहमत नहीं थे। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अभिनय को करियर बनाने की इच्छा जताई, तो शुरुआती दौर में उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ समय तक वह एक मित्र के घर भी रहीं। बाद में परिवार के सहयोग से वह वापस घर लौटीं और धीरे-धीरे अपने सपने को साकार करते हुए अभिनय जगत में अपनी अलग पहचान बनाई