स्वास्थ्य

Pregnancy Vaginal Discharge: प्रेग्नेंसी में वजाइनल डिस्चार्ज को लेकर डरें नहीं, बस समझें ये संकेत…

Pregnancy Vaginal Discharge: प्रेग्नेंसी किसी भी महिला के जीवन का सबसे नाजुक और भावनात्मक समय होता है। इस दौरान शरीर में होने वाले छोटे-बड़े बदलाव कई बार चिंता का कारण बन जाते हैं। खासकर तब, जब शरीर से जुड़ा कोई लक्षण अचानक ज्यादा महसूस होने लगे। ऐसी ही एक स्थिति है प्रेग्नेंसी के दौरान वजाइनल डिस्चार्ज का बढ़ जाना, जिसे लेकर महिलाएं अक्सर डर जाती हैं। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक (pregnancy symptoms) को समझना जरूरी है, ताकि बेवजह की घबराहट से बचा जा सके।

Pregnancy Vaginal Discharge
Pregnancy Vaginal Discharge

वजाइनल डिस्चार्ज क्यों बढ़ जाता है

नोएडा की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. रौनक खंडेलवाल के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव तेजी से होते हैं। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ने से वजाइना में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिसके कारण डिस्चार्ज ज्यादा होने लगता है। यह डिस्चार्ज आमतौर पर तरल, सफेद और मिल्की होता है। जैसे-जैसे डिलीवरी की तारीख नजदीक आती है, इसकी गाढ़ापन भी बढ़ सकता है। यह प्रक्रिया (hormonal changes) का स्वाभाविक हिस्सा मानी जाती है।


किस तरह का डिस्चार्ज माना जाता है सामान्य

डॉक्टर रौनक के मुताबिक, प्रेग्नेंसी में व्हाइट वजाइनल डिस्चार्ज होना बिल्कुल नॉर्मल है, बशर्ते उसमें कोई बदबू न हो और खुजली या जलन जैसी परेशानी न हो। ऐसा डिस्चार्ज शरीर को इंफेक्शन से बचाने का काम भी करता है। कई बार महिलाएं इसे किसी गंभीर समस्या का संकेत मान लेती हैं, जबकि असल में यह (normal vaginal discharge) का ही हिस्सा होता है और इससे घबराने की जरूरत नहीं होती।


कलर और स्मेल बदलते ही क्यों हो जाना चाहिए सतर्क

अगर वजाइनल डिस्चार्ज का रंग बदलकर ग्रे, ग्रीन या येलो हो जाए, या उसमें तेज बदबू आने लगे, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। इसके साथ खुजली, जलन या दर्द महसूस होना भी इंफेक्शन की ओर इशारा करता है। ऐसे लक्षण नजर आते ही डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह (vaginal infection) मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।


खून या पानी जैसा डिस्चार्ज, क्यों है गंभीर संकेत

प्रेग्नेंसी के दौरान अगर वजाइनल डिस्चार्ज में खून या बहुत ज्यादा पानी जैसा तरल बहने लगे, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वॉटरी डिस्चार्ज कई बार एमनियोटिक फ्लूइड के लीक होने का संकेत हो सकता है, जो बच्चे की सुरक्षा और विकास से जुड़ा होता है। ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि (amniotic fluid leak) प्रीमैच्योर डिलीवरी का कारण भी बन सकता है।


गाढ़ा डिस्चार्ज और खुजली, यीस्ट इंफेक्शन का खतरा

अगर प्रेग्नेंसी के दौरान डिस्चार्ज बहुत ज्यादा गाढ़ा, दही जैसा हो और उसके साथ तेज खुजली या जलन हो, तो यह यीस्ट इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। प्रेग्नेंसी में इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से ऐसे इंफेक्शन जल्दी पनपते हैं। समय रहते इलाज न मिलने पर यह इंफेक्शन गर्भाशय तक पहुंच सकता है। इसलिए (yeast infection) के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है।


नॉर्मल डिस्चार्ज में क्या करें, क्या न करें

अगर वजाइनल डिस्चार्ज नॉर्मल है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बस अपनी पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। वजाइना को साफ और सूखा रखें, पसीने से बचने के लिए पैंटी लाइनर का इस्तेमाल किया जा सकता है और टाइट कपड़ों से बचें। ढीले और कॉटन कपड़े पहनना बेहतर होता है। प्रेग्नेंसी में साफ-सफाई रखने से (pregnancy hygiene) से जुड़े जोखिम काफी हद तक कम हो जाते हैं।


समय पर जानकारी और सही सलाह है सबसे बड़ी सुरक्षा

प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। इसलिए किसी भी लक्षण को खुद से जज करने के बजाय सही जानकारी और डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है। वजाइनल डिस्चार्ज ज्यादातर मामलों में सामान्य होता है, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। सतर्कता, जागरूकता और समय पर कदम ही (maternal health) को सुरक्षित बनाए रखते हैं और एक स्वस्थ प्रेग्नेंसी सुनिश्चित करते हैं।

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