MaritimeTension – होर्मुज संकट के बीच खाड़ी में फंसे हजारों अमेरिकी मरीन
MaritimeTension – अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच फारस की खाड़ी से एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। हॉर्मुज स्ट्रेट में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और इसी वजह से बड़ी संख्या में अमेरिकी मरीन सैनिक क्षेत्र में फंस गए हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार समुद्री मार्गों पर बढ़ी सख्ती और सुरक्षा चुनौतियों के कारण सैनिकों की आवाजाही और रसद आपूर्ति प्रभावित हुई है।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि फारस की खाड़ी में तैनात 22 हजार से अधिक मरीन सैनिक फिलहाल हॉर्मुज क्षेत्र में सक्रिय तनाव के कारण सामान्य रूप से आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने क्षेत्र में अपनी नौसैनिक गतिविधियां तेज कर दी हैं, जिसके बाद हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने क्या कहा
अमेरिकी रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मौजूदा स्थिति में सैनिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अधिकारियों के अनुसार हॉर्मुज मार्ग में बढ़ते सैन्य दबाव के कारण समुद्री आपूर्ति और रणनीतिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।
पेंटागन का कहना है कि क्षेत्र में तैनात बलों को लगातार निगरानी में रखा जा रहा है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी अपनाए जाएंगे। अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय नौवहन को सुरक्षित बनाए रखना उसकी प्राथमिक रणनीति का हिस्सा है।
युद्धविराम पर अमेरिका का बयान
तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि क्षेत्र में छिटपुट हमलों और गोलीबारी की घटनाओं के बावजूद युद्धविराम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में अमेरिकी ठिकानों पर कई हमले हुए, लेकिन फिलहाल स्थिति पूर्ण युद्ध जैसी नहीं मानी जा रही।
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका की ओर से चलाया जा रहा “प्रोजेक्ट फ्रीडम” एक सीमित और रक्षात्मक अभियान है। इसका उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित न हो।
छोटे नौसैनिक बेड़ों को लेकर चिंता
अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के छोटे नौसैनिक बेड़ों और तेज गति वाली नौकाओं को भी गंभीर चुनौती बताया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस तरह की छोटी समुद्री गतिविधियां भी रणनीतिक जलमार्गों की सुरक्षा पर बड़ा असर डाल सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।
सुरक्षा क्षेत्र का किया गया विस्तार
संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हॉर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में सुरक्षा दायरा बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि इसका मकसद वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और समुद्री व्यापार को सामान्य बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि इस मिशन में अमेरिकी थलसेना, नौसेना और वायुसेना मिलकर काम कर रही हैं। सुरक्षा क्षेत्र में निगरानी और समुद्री गश्त भी बढ़ा दी गई है।
क्षेत्रीय हालात पर बनी हुई है नजर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को लेकर दुनिया भर के देशों की नजर बनी हुई है। कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां अभी भी चिंता का कारण बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बातचीत आगे बढ़ती है तो हालात सामान्य हो सकते हैं, लेकिन किसी भी नए टकराव से समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर पड़ सकता है।