उत्तर प्रदेश

Lucknow Kanpur Expressway – बारिश में जलभराव से एक्सप्रेसवे की जल निकासी पर उठे सवाल

Lucknow Kanpur Expressway पर रविवार को करीब एक घंटे हुई तेज बारिश ने सड़क और जल निकासी व्यवस्था की कमियों को फिर सामने ला दिया। बारिश के दौरान कई जगह सड़क किनारे पानी भर गया और कुछ हिस्सों में वाहनों के गुजरने पर पानी काफी ऊंचाई तक उछलता दिखाई दिया। मरम्मत कार्य के कारण किलोमीटर 29.9 से 30.7 तक तीनों लेन बंद होने से यातायात को भी परेशानी हुई। इस दौरान कुछ वाहनों को गलत दिशा से गुजरना पड़ा, जिससे जोखिम बढ़ गया।

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उद्घाटन के बाद से लगातार सामने आ रहीं शिकायतें

एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के करीब 13 दिन बाद ही सड़क टूटने और धंसने की शिकायतें सामने आने लगी थीं। फिलहाल किलोमीटर 30.3, 28.8, 50.4, 49.7 और 39.7 समेत कई स्थानों पर मरम्मत का काम चल रहा है। रविवार की बारिश के बाद सड़क की स्थिति के साथ-साथ पानी की निकासी को लेकर भी सवाल उठे हैं।

इससे पहले एक्सप्रेसवे की जांच के लिए पहुंची आईआईटी खड़गपुर की टीम ने भी निर्माण और जल निकासी से जुड़े पहलुओं की जांच की थी। किलोमीटर 32.4 के पास सोख्ता तकनीक से तैयार सड़क के किनारे वाले हिस्से का परीक्षण किया गया। इसके लिए करीब ढाई वर्गफीट का गड्ढा खोदा गया और उसमें पानी डालकर निकासी की क्षमता देखी गई।

परीक्षण में पानी की निकासी अपेक्षित नहीं मिली

जांच के दौरान टैंकर से पानी डालने के बाद टीम ने करीब 10 मिनट तक उसके बाहर निकलने का इंतजार किया। हालांकि पानी अपेक्षित तरीके से दूसरी तरफ नहीं पहुंच सका। इसके बाद करीब 500 लीटर पानी डालकर दोबारा परीक्षण किया गया। इस बार भी पानी बाहर निकलने के बजाय सड़क के एक हिस्से में जमा होता रहा।

जांच टीम ने निर्माण से जुड़े दूसरे पहलुओं को भी देखा था। बेगमखेड़ा गांव के पास सड़क की खुदाई कर डामर और गिट्टी की मोटाई, नीचे इस्तेमाल किए गए बोल्डर तथा कंक्रीट की परत की जांच की गई। इस परीक्षण के दौरान भी निर्माण कार्य में कमियों से जुड़े संकेत सामने आने की बात कही गई थी।

बारिश के बाद करीब 60 मीटर हिस्से में जमा रहा पानी

रविवार को हुई बारिश के दौरान किलोमीटर 47.2 के पास करीब 60 मीटर लंबे हिस्से में पानी भर गया। बारिश रुकने के लगभग एक घंटे बाद तक यहां जलभराव बना रहा। इससे एक्सप्रेसवे पर पानी की निकासी की क्षमता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं।

मरम्मत में लगे कर्मचारियों ने जलभराव की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया गया। कई जगह हाल में किए गए पैचवर्क को भी बारिश के पानी से बचाने के लिए तिरपाल से ढक दिया गया।

डायवर्जन के बीच दोपहिया और तिपहिया वाहनों से बढ़ा खतरा

मरम्मत के चलते कुछ हिस्सों में यातायात व्यवस्था बदली गई है। किलोमीटर 29.9 से 30.7 के बीच तीनों लेन बंद होने के कारण बारिश के दौरान यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था से गुजरना पड़ा। सड़क पर जलभराव और डायवर्जन के बीच तेज रफ्तार वाहनों से पानी उछलने के कारण दृश्यता और सुरक्षित आवागमन प्रभावित हुआ।

सबसे अधिक चिंता दोपहिया और तिपहिया वाहनों को लेकर है, क्योंकि जलभराव वाले हिस्सों से गुजरते समय इनके लिए संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर मरम्मत और जल निकासी से जुड़े काम जारी हैं। रविवार की बारिश के बाद सामने आई स्थिति ने निर्माण गुणवत्ता और बारिश के पानी की निकासी दोनों की प्रभावशीलता की दोबारा जांच की जरूरत को रेखांकित किया है।

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