Mahashivratri – मेरठ के औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा एटीएस के हवाले, कड़े इंतजाम
Mahashivratri के मद्देनजर मेरठ में पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब आतंकवाद निरोधक दस्ते को सौंपी गई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के लिए चार स्तर की व्यवस्था की गई है। सोमवार रात से मंदिर के 500 मीटर के दायरे में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित करने की तैयारी है।

मंदिर परिसर में चार स्तर की सुरक्षा
औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए एटीएस की दो टीमें तैनात की गई हैं। गर्भगृह से मुख्य द्वार तक अलग-अलग स्तरों पर सुरक्षा जांच की व्यवस्था रहेगी। परिसर में एक छोटा नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है, जहां 20 सीसीटीवी कैमरों की मदद से गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में दो बम निरोधक दस्ते और दो त्वरित प्रतिक्रिया दल भी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा पांच ड्रोन से आसपास के क्षेत्र की निगरानी किए जाने की व्यवस्था है। मंदिर के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जा रही है और श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए सात अलग-अलग लेन तैयार की जा रही हैं।
कांवड़ियों के लिए भी अलग व्यवस्था
शिवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़ियों के मेरठ पहुंचने की संभावना को देखते हुए उनके ठहरने और जलाभिषेक की व्यवस्था भी की जा रही है। मंदिर परिसर के बाहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पुलिस संभालेगी। प्रशासन ने क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर अधिकारियों की तैनाती की है, ताकि भीड़ बढ़ने की स्थिति में मौके पर तुरंत व्यवस्था संभाली जा सके।
मंदिर के आसपास वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए निर्धारित स्थानों पर बैरियर लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखना प्राथमिकता है।
गढ़ रोड पर वन-वे व्यवस्था लागू
कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गढ़ रोड पर शनिवार देर रात से एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई। तेजगढ़ी से सामान्य वाहनों को दूसरे रास्तों की ओर भेजा जा रहा है। इसके लिए तेजगढ़ी और आसपास के प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
यातायात पुलिस ने सामान्य वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। गढ़ रोड पर बदलाव के कारण उससे जुड़े संपर्क मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ा है। इससे पहले दिल्ली रोड और हापुड़ रोड पर भी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की जा चुकी है।
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, गढ़ रोड पर यातायात व्यवस्था कांवड़ियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए बदली गई है। भीड़ की स्थिति के अनुसार आगे भी आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
मंदिर से 500 मीटर पहले रोक दिए जाएंगे वाहन
शिवरात्रि के दिन औघड़नाथ मंदिर की ओर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। मंदिर से करीब 500 मीटर पहले ही वाहनों को रोकने की व्यवस्था की गई है। अन्नपूर्णा मंदिर और कैंट क्षेत्र की ओर पड़ने वाले चौराहों के पास पार्किंग की व्यवस्था कराई गई है।
इन स्थानों पर वाहन खड़े करने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर तक पैदल जाना होगा। पुलिस बैरियर और बैरिकेडिंग के जरिए वाहनों को आगे बढ़ने से रोकेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय के अनुसार, मंदिर की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। एटीएस सहित विभिन्न सुरक्षा टीमों को जिम्मेदारी दी गई है और लगातार दो दिन अलग-अलग पालियों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।