अंतर्राष्ट्रीय

NIAInvestigation – विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी से ड्रोन नेटवर्क का खुलासा

NIAInvestigation – रूसी एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक अहम कार्रवाई करते हुए सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इन सभी को 13 मार्च को दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता के हवाई अड्डों से पकड़ा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही निगरानी और जांच के बाद संभव हो सकी है।

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तीन महीने से चल रही थी निगरानी
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां पिछले करीब तीन महीनों से पूर्वोत्तर भारत में इन संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। हालांकि, रूस से मिली खुफिया सूचना के बारे में विस्तार से जानकारी साझा नहीं की गई है। एनआईए ने भी आधिकारिक तौर पर ज्यादा विवरण देने से इनकार किया है, यह कहते हुए कि मामला अभी शुरुआती जांच के दौर में है।

अदालत ने बढ़ाई हिरासत अवधि
दिल्ली की एक अदालत ने सभी आरोपियों को 27 मार्च तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार यूक्रेनी नागरिकों की पहचान मैक्सिम होनचारुक, पेत्रो हुब्रा, इवान सुकमानोवस्की, मैरियन स्टीफानकिव, तारास स्लीवियाक और विक्टर कामिंस्की के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये सभी एक बड़े समूह का हिस्सा थे, जिसमें कुल 14 लोग शामिल बताए जा रहे हैं।

म्यांमार से जुड़ा है मामला
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह समूह पिछले साल से लगातार म्यांमार की यात्रा कर रहा था। आरोप है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आते थे और फिर पूर्वोत्तर राज्यों के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश करते थे। वहां जाकर ये सशस्त्र समूहों को ड्रोन संचालन, असेंबली और उससे जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण देते थे।

ड्रोन तस्करी और ट्रेनिंग का आरोप
एनआईए के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने म्यांमार में सक्रिय गुटों को ड्रोन तकनीक से जुड़ी ट्रेनिंग दी। इसके अलावा यूरोप से भारत के रास्ते ड्रोन उपकरणों की अवैध आपूर्ति का भी खुलासा हुआ है। अब एजेंसियां उन लोगों की पहचान करने में जुटी हैं, जिन्होंने इन्हें भारत के भीतर आवाजाही और सीमा पार करने में मदद की।

यूक्रेन और अमेरिका की प्रतिक्रिया
भारत में यूक्रेन के राजदूत ने इस मामले में सहयोग की बात कही है और निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ हो और आरोपियों को उचित अधिकार दिए जाएं। वहीं अमेरिकी दूतावास ने मामले की जानकारी होने की पुष्टि की है, लेकिन विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया है।

मिजोरम कनेक्शन और पुरानी जानकारी
इस पूरे मामले में मिजोरम का कनेक्शन भी सामने आया है। पहले भी राज्य सरकार ने संकेत दिए थे कि बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक वहां पहुंचे थे, जिनमें से कुछ संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब इस पहलू को भी खंगाल रही हैं।

आरोपी अमेरिकी नागरिक का प्रोफाइल
गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक का नाम पहले भी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों से जुड़ चुका है। बताया जाता है कि वह सैन्य और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहा है और एक निजी संगठन चलाने का दावा करता है। फिलहाल एजेंसियां उसके नेटवर्क और संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं।

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