SecurityThreat – इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की साजिश का खुलासा
SecurityThreat – अमेरिका की पूर्व राष्ट्रपति परिवार से जुड़ी एक गंभीर सुरक्षा साजिश का खुलासा हुआ है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की योजना बनाने वाले एक संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी का संबंध ईरान समर्थित संगठन और इराकी चरमपंथी नेटवर्क से रहा है। मामले की जांच अमेरिकी एजेंसियां कर रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद बाकिर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने इवांका ट्रंप की हत्या की योजना बनाई थी। जांच एजेंसियों को उसके पास से फ्लोरिडा स्थित इवांका ट्रंप और उनके पति जैरेड कुशनर के घर से जुड़ी जानकारी भी मिली है। बताया जा रहा है कि यह साजिश ईरानी सैन्य अधिकारी कासिम सुलेमानी की मौत के बाद बदले की भावना से जुड़ी हुई थी।
कई देशों में हमलों के आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार अल-सादी को 15 मई 2026 को तुर्की में गिरफ्तार किया गया। वह कथित तौर पर रूस जाने की तैयारी में था। बाद में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया, जहां उसके खिलाफ कई गंभीर मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी पर यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कई हमलों और हमले की कोशिशों में शामिल होने के आरोप हैं। इनमें बैंक पर बम हमला, धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना और गोलीबारी जैसी घटनाएं शामिल बताई गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
सोशल मीडिया के जरिए दी गईं धमकियां
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और कई बार विवादित पोस्ट साझा करता था। उसने कथित तौर पर फ्लोरिडा के उस इलाके की तस्वीरें और नक्शे साझा किए थे जहां इवांका ट्रंप का घर स्थित है। कुछ पोस्ट में धमकी भरे संदेश भी लिखे गए थे, जिन्हें अब जांच एजेंसियों ने अपने रिकॉर्ड में शामिल किया है।
अधिकारियों के मुताबिक आरोपी अपने सोशल मीडिया खातों पर हथियारों की तस्वीरें और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी सामग्री भी साझा करता था। इसके अलावा वह विभिन्न देशों की यात्राओं की तस्वीरें पोस्ट करता था, जिससे उसकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को लेकर एजेंसियों की जांच और तेज हो गई है।
विशेष यात्रा दस्तावेज का इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पास इराक का विशेष सेवा पासपोर्ट था। यह दस्तावेज आमतौर पर सरकारी अधिकारियों या विशेष अनुमति प्राप्त लोगों को जारी किया जाता है। एजेंसियों का कहना है कि इसी दस्तावेज की मदद से वह कई देशों में आसानी से यात्रा कर पा रहा था।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने एक ट्रैवल एजेंसी भी बना रखी थी, जिसका इस्तेमाल वह अपने नेटवर्क से संपर्क बनाए रखने और यात्रा प्रबंधन के लिए करता था। जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसके संपर्क किन-किन देशों तक फैले हुए थे।
हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया आरोपी
फिलहाल आरोपी को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। सुरक्षा कारणों से उसे अलग निगरानी में रखा गया है। अमेरिकी एजेंसियां इस मामले को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मान रही हैं।
व्हाइट हाउस की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई हैं। मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।