EnergyTransit – होर्मुज जलमार्ग में एलएनजी जहाजों की वापसी से बढ़ीं उम्मीदें
EnergyTransit – लंबे समय से तनाव और अस्थिरता के कारण प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। हालिया घटनाक्रम में एक एलएनजी कार्गो जहाज की सक्रिय आवाजाही ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में नई उम्मीद जगाई है। गुजरात के दाहेज बंदरगाह पर माल खाली करने के बाद यह जहाज अब अपने अगले गंतव्य की ओर बढ़ रहा है।

दाहेज से शुरू हुई अहम यात्रा
‘उम्म अल अश्तान’ नामक एलएनजी वाहक ने मार्च की शुरुआत में अपना माल उतारने के बाद से समुद्र में प्रतीक्षा की स्थिति में समय बिताया था। अब यह जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर संयुक्त अरब अमीरात के दास द्वीप स्थित एलएनजी टर्मिनल की ओर रवाना होने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि यह प्रस्थान शुक्रवार, 1 मई को हो सकता है।
ऊर्जा बाजार के लिए सकारात्मक संकेत
शिपिंग विशेषज्ञों के अनुसार यह घटना कई स्तरों पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सबसे अहम बात यह है कि संघर्ष के बाद पहली बार कोई खाली जहाज पुनः लोडिंग के उद्देश्य से इस संवेदनशील समुद्री मार्ग की ओर बढ़ रहा है। इससे वैश्विक एलएनजी आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता लौटने की उम्मीद बढ़ी है।
फंसे जहाजों के बीच हलचल
वर्तमान में फारस की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों मालवाहक जहाज अभी भी फंसे हुए हैं। ऐसे माहौल में इस जहाज की सक्रियता को एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि धीरे-धीरे व्यापारिक गतिविधियाँ फिर से गति पकड़ रही हैं।
दास द्वीप की उत्पादन क्षमता पर नजर
‘उम्म अल अश्तान’ की यह यात्रा इस ओर भी इशारा करती है कि दास द्वीप पर एलएनजी उत्पादन दोबारा शुरू हो रहा है। इस टर्मिनल की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 60 लाख टन है, जो वैश्विक एलएनजी उत्पादन का लगभग एक प्रतिशत हिस्सा है। उत्पादन बहाली ऊर्जा बाजार के लिए अहम मानी जा रही है।
जहाज संचालन और प्रबंधन
यह जहाज अबू धाबी स्थित एडनॉक समूह की सहायक कंपनी एडनॉक लॉजिस्टिक्स एंड सर्विसेज द्वारा संचालित किया जाता है। लगभग 73,100 टन क्षमता वाला यह पोत पहले भी भारत में एलएनजी आपूर्ति कर चुका है, जिससे इसकी परिचालन भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
अन्य जहाजों की गतिविधियाँ
इसी बीच ‘मुबारज’ नामक एक अन्य एलएनजी टैंकर दास द्वीप से माल लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुका है और वर्तमान में चीन की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षा कारणों से इसने यात्रा के दौरान अपना स्वचालित पहचान सिस्टम अस्थायी रूप से बंद रखा था।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में राहत
जापान के लिए जा रहा ‘इडेमित्सु मारू’ नामक तेल टैंकर भी हाल ही में सुरक्षित रूप से इस जलमार्ग को पार कर चुका है। यह जहाज बड़ी मात्रा में कच्चा तेल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। इन सभी घटनाओं से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में धीरे-धीरे स्थिरता लौटने के संकेत मिल रहे हैं।
आगे की स्थिति पर नजर
हालांकि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं कही जा सकती, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि कतर से नियमित एलएनजी जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू होती है, तो यह इस रणनीतिक जलमार्ग में स्थिरता का स्पष्ट संकेत होगा।