AntiPaperLeak – राज्यसभा में आज पेश होगा परीक्षा कानून संशोधन विधेयक
AntiPaperLeak- सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार गुरुवार को राज्यसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करने जा रही है। यह विधेयक एक दिन पहले लोकसभा से पारित हो चुका है। अब उच्च सदन में इस पर चर्चा और मतदान को लेकर राजनीतिक हलकों में नजरें टिकी हुई हैं।

लोकसभा से ध्वनिमत से हुआ पारित
बुधवार को लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी। इसके बावजूद सरकार ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित करा लिया। अब इसे कानून का रूप देने के लिए राज्यसभा की मंजूरी आवश्यक होगी।
राज्यसभा में सरकार की स्थिति मजबूत
वर्तमान संख्या बल के अनुसार राज्यसभा की कुल निर्धारित सदस्य संख्या 245 है, जबकि फिलहाल 242 सदस्य हैं। साधारण बहुमत के लिए 123 मतों की आवश्यकता होती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास 152 सदस्य हैं, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक हैं। ऐसे में संख्या बल के आधार पर सरकार के लिए विधेयक पारित कराने की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत मानी जा रही है।
संशोधन विधेयक में क्या हैं प्रमुख प्रावधान
सरकार का कहना है कि यह संशोधन सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और संगठित पेपर लीक नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत संगठित तरीके से परीक्षा में धांधली या पेपर लीक में शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए सजा की अवधि बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, ऐसे मामलों में अधिक जुर्माना लगाने और जांच प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और समयबद्ध जांच पर जोर
विधेयक में राज्यों में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव है, ताकि पेपर लीक से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके। इसके अलावा, जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों की जांच निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे लंबित मामलों में तेजी आएगी और परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा।
संसद में राजनीतिक बहस भी रही तेज
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार की कार्यशैली और हालिया घटनाओं को लेकर कई सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर आरोप लगाए। जवाब में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इन आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कानूनी बदलाव कर रही है।
हालिया घटनाओं के बाद आया संशोधन
यह संशोधन ऐसे समय लाया गया है जब हाल के महीनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर देशभर में व्यापक बहस हुई। कई स्थानों पर छात्रों ने प्रदर्शन भी किए थे। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना और संगठित अपराध पर प्रभावी रोक लगाना है। अब राज्यसभा में होने वाली चर्चा और मतदान के बाद इस विधेयक की आगे की संवैधानिक प्रक्रिया तय होगी।