RailwayJobs – संसद में रेल भर्तियों का आंकड़ा, 12 वर्षों में 5.56 लाख नियुक्तियां…
RailwayJobs– केंद्र सरकार ने संसद में भारतीय रेलवे में हुई भर्तियों और टिकट निरीक्षकों (TTE) की तैनाती से जुड़ी जानकारी साझा की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि वर्ष 2014 से 30 जून 2026 तक भारतीय रेलवे में कुल 5.56 लाख नियुक्तियां की गई हैं। इनमें दक्षिण रेलवे में 50,485 कर्मचारियों की भर्ती भी शामिल है। सरकार का कहना है कि बढ़ते रेल नेटवर्क, नई तकनीक और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए समय-समय पर भर्ती प्रक्रिया संचालित की जाती है।

पिछले दशक की तुलना में अधिक भर्तियां
लोकसभा में दिए गए जवाब के दौरान रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के बीच भारतीय रेलवे में लगभग 4.11 लाख लोगों को रोजगार मिला था। इसके मुकाबले पिछले 12 वर्षों में भर्ती का आंकड़ा 5.56 लाख तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग पदों पर नियमित रूप से भर्ती की जाती है और चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न होती है।
भर्ती प्रक्रिया को बताया पारदर्शी
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे भर्ती परीक्षाएं देशभर में बड़े पैमाने पर आयोजित होती हैं। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षाएं तय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से कराई जाती हैं। सरकार का कहना है कि आधुनिक तकनीक और विस्तृत संचालन व्यवस्था के कारण रेलवे को समय-समय पर नए कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती रहती है, जिसे ध्यान में रखकर भर्ती अभियान चलाए जाते हैं।
TTE की जिम्मेदारियों पर भी दी जानकारी
संसद में टिकट निरीक्षकों के कार्यभार से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था के अनुसार एक TTE को अधिकतम पांच वातानुकूलित (AC) कोच या तीन स्लीपर अथवा चेयर कार कोच की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। उन्होंने कहा कि ट्रेन में TTE की संख्या वहां उपलब्ध कोचों की संख्या और श्रेणी के आधार पर तय की जाती है, ताकि टिकट जांच के साथ यात्रियों की सहायता भी प्रभावी ढंग से की जा सके।
सांसद के सवाल पर सरकार का जवाब
यह विषय कांग्रेस सांसद रवींद्र वसंतराव चव्हाण द्वारा उठाए गए प्रश्न के बाद सामने आया। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर रेलवे की कुछ ट्रेनों, खासकर सराय रोहिल्ला और उधमपुर के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 22401/22402 में TTE पर कार्यभार को लेकर सवाल किया था। इस पर रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे ने कर्मचारियों के बेहतर उपयोग के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार तैनाती की व्यवस्था बनाई है और इसी आधार पर प्रत्येक ट्रेन में आवश्यक संख्या में TTE नियुक्त किए जाते हैं।
जोनल रेलवे को जारी हैं प्रशासनिक निर्देश
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि सभी जोनल रेलवे को समय-समय पर प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, ताकि उपलब्ध कर्मचारियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उनका कहना था कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना और परिचालन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
टिकट रद्द करने के नियमों की भी दी थी जानकारी
इससे पहले राज्यसभा में एक अन्य प्रश्न के उत्तर में अश्विनी वैष्णव ने टिकट रद्द करने के नियमों पर भी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय रेलवे प्रतीक्षा सूची या टिकट रद्द होने से प्राप्त आय का अलग-अलग क्षेत्रवार रिकॉर्ड नहीं रखता। साथ ही उन्होंने वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस के लिए लागू रद्दीकरण नियमों की जानकारी भी साझा की थी, जिनके तहत टिकट रद्द करने का शुल्क समय के अनुसार निर्धारित किया जाता है।