BMCCars – नई सरकारी गाड़ियों की मांग पर BMC में बढ़ी सियासी बहस
BMCCars- बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए इस्तेमाल की जा रही सरकारी गाड़ियों को लेकर नया विवाद सामने आया है। कुछ अधिकारियों ने हाल ही में उपलब्ध कराई गई स्कॉर्पियो एन एसयूवी के स्थान पर दूसरी गाड़ियों की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, उनका कहना है कि मौजूदा वाहनों में लंबी यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम नहीं मिलता, जिसके कारण शारीरिक असुविधा महसूस हो रही है। हालांकि, इस संबंध में BMC की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

इनोवा क्रिस्टा खरीदने का प्रस्ताव चर्चा में
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, BMC प्रशासन के भीतर कुछ पदाधिकारियों के लिए टोयोटा इनोवा क्रिस्टा खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एक वाहन की अनुमानित कीमत करीब 23 लाख रुपये बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव उन शिकायतों के बाद सामने आया है, जिनमें स्कॉर्पियो एन की सीटों और सस्पेंशन को लेकर असुविधा जताई गई थी।
कुछ महीने पहले खरीदी गई थीं स्कॉर्पियो गाड़ियां
इसी वर्ष फरवरी में BMC ने लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से 13 स्कॉर्पियो एन गाड़ियां खरीदी थीं। इनका उपयोग उपमहापौर, विपक्ष के नेता और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के लिए किया जा रहा है। अब इन वाहनों के स्थान पर नई गाड़ियों की मांग उठने के बाद इस फैसले पर सवाल भी उठने लगे हैं।
किन पदाधिकारियों के लिए है नया प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित छह इनोवा क्रिस्टा गाड़ियां उपमहापौर, सदन के समूह नेता, विपक्ष के नेता, स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष, शिक्षा समिति के अध्यक्ष और स्थायी समिति के अध्यक्ष के उपयोग के लिए खरीदी जा सकती हैं। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो वर्तमान में इस्तेमाल हो रही स्कॉर्पियो गाड़ियों को BMC के अन्य अधिकारियों को आवंटित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
विपक्ष ने खर्च पर उठाए सवाल
इस प्रस्ताव को लेकर विपक्ष की नेता और पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि हाल ही में खरीदी गई गाड़ियों को इतनी जल्दी बदलने का विचार सार्वजनिक धन के उचित उपयोग पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल सोच-समझकर होना चाहिए और वाहनों का उपयोग पूरे कार्यकाल तक किया जाना अधिक व्यावहारिक होगा।
मेयर ने दी अपनी सफाई
रिपोर्ट के अनुसार, महापौर ऋतु तावड़े ने कहा है कि मौजूदा वाहन अनुबंध के आधार पर उपलब्ध कराए गए हैं और अनुबंध की शर्तों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बदला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन बदलने का अनुरोध व्यक्तिगत सुविधा के बजाय लगातार उपयोग के दौरान सामने आई असुविधा के आधार पर किया गया है। उनके अनुसार, कुछ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इसी तरह की परेशानी का उल्लेख किया है।
अंतिम निर्णय का इंतजार
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नई गाड़ियों की खरीद संबंधी प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिली है या नहीं। यदि प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो BMC प्रशासन को इसके वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर भी विचार करना होगा। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष सार्वजनिक खर्च को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।