BorderSecurity – राजौरी सीमा पर घुसपैठ की कोशिश विफल, सेना ने बढ़ाई निगरानी
BorderSecurity- जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा बलों ने सतर्कता दिखाते हुए संदिग्ध घुसपैठ की एक कोशिश को विफल कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार देर रात सीमा पर तैनात जवानों ने संदिग्ध हलचल देखी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए फायरिंग की गई। सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद सीमा पार से भी गोलीबारी हुई, हालांकि भारतीय क्षेत्र में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

रात में संदिग्ध गतिविधि के बाद कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक यह घटना शुक्रवार रात लगभग 10 बजे राजौरी के तारकुंडी फॉरवर्ड क्षेत्र में हुई। सीमा पर निगरानी कर रहे जवानों ने कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधि देखी, जिन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए देखा गया। स्थिति को देखते हुए सेना ने तुरंत मोर्चा संभाला और छोटे हथियारों से जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दूसरी ओर से भी रुक-रुककर गोलीबारी हुई, जो करीब डेढ़ घंटे तक जारी रही।
भारतीय पक्ष सुरक्षित, सतर्कता और बढ़ाई गई
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूरी घटना के दौरान भारतीय सेना के किसी जवान या नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। फायरिंग थमने के बाद भी पूरे इलाके में निगरानी जारी रखी गई ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके। सुरक्षा एजेंसियां सीमा की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सुबह शुरू हुआ व्यापक सर्च ऑपरेशन
शनिवार सुबह होते ही सेना ने तारकुंडी और आसपास के इलाकों में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रात के अंधेरे का लाभ उठाकर कोई संदिग्ध व्यक्ति भारतीय सीमा के भीतर प्रवेश कर छिप न गया हो। इसके लिए क्षेत्र की घेराबंदी की गई है और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
अधिकारियों का कहना है कि नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत कर दी गई है। नियमित गश्त के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय स्तर पर भी सूचनाएं जुटा रही हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जैसलमेर में अतिक्रमण हटाने का अभियान
इसी बीच राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े क्षेत्रों में प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने छह कथित अवैध मस्जिदों और मदरसों के ढांचों को हटाने की कार्रवाई की। यह अभियान गुरुवार को ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत नाचना, तनोट और शाहगढ़ क्षेत्र में चलाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की सहायता से कार्रवाई पूरी की गई।
सरकारी भूमि पर निर्माण होने का दावा
प्रशासन के अनुसार जिन ढांचों को हटाया गया, वे सरकारी भूमि पर बने हुए थे। इनमें कुछ जमीन ऐसी भी शामिल थी जिसे पोंग बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए आरक्षित किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई जिन गांवों और ढाणियों में हुई, वे अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं। अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो