RamMandir – कर्मचारी सत्यापन में खामियां उजागर, समाप्त हुई पांच कर्मियों की सेवा
RamMandir- अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन को लेकर सामने आई अनियमितताओं के बाद प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति आवश्यक पुलिस वेरिफिकेशन पूरा किए बिना ही कर दी गई थी। सत्यापन के दौरान पांच कर्मचारी निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। मामले में अन्य कर्मचारियों के दस्तावेजों और पृष्ठभूमि की भी जांच जारी है।

चढ़ावे की गणना से जुड़े कर्मचारियों पर विशेष जांच
सूत्रों के अनुसार, श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई नकदी की गिनती करने वाले कर्मचारियों की भूमिका संवेदनशील मानी जाती है। इसी कारण इस विभाग में कार्यरत सभी कर्मियों का सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया गया। जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों के संबंध में ऐसी जानकारियां सामने आईं, जिनके बाद उन्हें कार्य से अलग कर दिया गया। बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी पिछले करीब दो वर्षों से इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे।
जांच के साथ सामने आ रही भर्ती प्रक्रिया की खामियां
मंदिर परिसर में चल रही जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कई कमियां भी सामने आई हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में नियुक्ति, निगरानी और संचालन से जुड़े कुछ बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में संवेदनशील कार्यों के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले सभी आवश्यक जांच प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाएगा, ताकि सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
कर्मचारियों की संख्या में आया बदलाव
कुछ समय पहले वेतन और कार्य अवधि से जुड़े मुद्दों को लेकर 23 कर्मचारियों ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में उनमें से दो कर्मचारी वापस काम पर लौट आए। इसी बीच पुलिस सत्यापन के दौरान कुछ कर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी मिलने पर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया। हालिया कार्रवाई के बाद वर्तमान में सीमित संख्या में कर्मचारी ही चढ़ावे की राशि की गणना का कार्य संभाल रहे हैं।
इस्तीफा देने वालों का भी हो रहा सत्यापन
प्रशासन सावन मेले को देखते हुए गणना कक्ष में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इस दौरान पहले काम कर चुके अनुभवी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, दोबारा नियुक्ति से पहले सभी का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में कुछ पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
सत्यापन के बाद ही होगी आगे की नियुक्ति
मंदिर प्रशासन और संबंधित एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि अब नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी। केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिनका पुलिस सत्यापन और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी तरह संतोषजनक पाई जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भविष्य में सभी नियुक्तियों की बहुस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाएगी।