CIDInvestigation – बारुईपुर मुठभेड़ की जांच अब सीआईडी के हवाले, न्यायिक प्रक्रिया भी जारी…
CIDInvestigation – पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में दुष्कर्म और हत्या के मामले के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की जांच अब राज्य की अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में न्यायिक जांच पहले से जारी है और अब सीआईडी स्वतंत्र रूप से पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि पुलिस कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई और क्या सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।

पुलिस ने मुठभेड़ की बताई घटनाक्रम की वजह
पुलिस के मुताबिक, घटना मंगलवार देर रात उस समय हुई जब जांच टीम आरोपी को वारदात से जुड़े घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी, ताकि घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया जा सके। अधिकारियों का दावा है कि इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से एक पुलिस अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पीछा कर रहे कर्मियों पर गोली भी चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए प्रारंभिक तथ्य
सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरोपी के शरीर पर दो गोली लगने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के प्रारंभिक निष्कर्ष बताते हैं कि दोनों गोलियां शरीर को आर-पार कर गईं और अंदर कोई गोली या उसका टुकड़ा नहीं मिला। अधिकारियों ने कहा कि अंतिम मेडिकल रिपोर्ट और बैलिस्टिक जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा।
सीआईडी करेगी पुलिस कार्रवाई की समीक्षा
सीआईडी के अधिकारियों के अनुसार, जांच का प्रमुख उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी आत्मरक्षा की परिस्थितियों में आवश्यक थी या नहीं। इसके लिए मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही घटनास्थल से जुड़े तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों का भी विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
पुलिसकर्मियों पर फिलहाल नहीं हुई कार्रवाई
पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मुठभेड़ में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी को फिलहाल निलंबित नहीं किया गया है। विभागीय स्तर पर पूरी घटना की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी गई है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई सीआईडी जांच और न्यायिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।
रात में घटनास्थल ले जाने की वजह बताई
पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपी को रात के समय घटनास्थल पर ले जाने का निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया था। उनके अनुसार, क्षेत्र में पहले से लोगों में काफी आक्रोश था और दिन के समय किसी अप्रिय स्थिति की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। इसके अलावा अपराध भी रात के समय हुआ था, इसलिए घटनाक्रम को उसी परिस्थितियों में समझने का प्रयास किया गया।
फोरेंसिक और बैलिस्टिक जांच पर रहेगा जोर
सीआईडी की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मौके से मिले खाली कारतूस और इस्तेमाल किए गए हथियारों को बैलिस्टिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसी अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक विश्लेषण और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का मिलान करेगी ताकि निष्कर्ष तथ्यों के आधार पर तैयार किए जा सकें।
चौथे आरोपी को पुलिस रिमांड
इसी मामले में गिरफ्तार चौथे आरोपी कबीर मोल्ला को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे 20 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया, ताकि जांच एजेंसियां उससे आगे पूछताछ कर सकें।