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DefenceCooperation – भारत-इटली रक्षा वार्ता में पाकिस्तान को लेकर जारी हुआ सख्त संदेश

DefenceCooperation – भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से गुरुवार को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएं भी रहीं।

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सुरक्षा मुद्दों पर भारत का स्पष्ट रुख

बैठक के दौरान भारत ने अपनी सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारत ने इटली से आग्रह किया कि वह किसी भी स्थिति में पाकिस्तान के साथ रक्षा तकनीक साझा न करे। भारतीय पक्ष ने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान को पहले भी कई देशों से सैन्य उपकरण और तकनीक प्राप्त हो चुकी है, जिनका उपयोग क्षेत्रीय अस्थिरता से जुड़ी चिंताओं के संदर्भ में देखा जाता रहा है।

पाकिस्तान को लेकर चिंता पर जोर

भारत ने अपनी ओर से यह भी कहा कि आतंकवाद से जुड़े मामलों को देखते हुए रक्षा सहयोग में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस पर इटली की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई और भरोसा दिलाया गया कि भारत को दी जाने वाली रक्षा तकनीक विशेष रूप से उसके लिए ही सीमित रहेगी और किसी अन्य देश के साथ साझा नहीं की जाएगी।

लियोनार्डो कंपनी की वापसी

इटली की प्रमुख रक्षा कंपनी लियोनार्डो, जिसे पहले एक विवाद से जुड़े मामले के बाद भारत में प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था, अब फिर से सक्रिय हो गई है। कंपनी अब भारतीय बाजार में नए अवसरों की तलाश कर रही है। इसके तहत भारतीय निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी और नौसेना परियोजनाओं में भागीदारी की संभावना पर भी चर्चा चल रही है।

रक्षा सहयोग के नए अवसर

दोनों देशों के बीच कई नए रक्षा क्षेत्रों में सहयोग की संभावना पर विचार किया गया है। इनमें प्रशिक्षण विमान, नौसैनिक हथियार प्रणाली और उन्नत टॉरपीडो तकनीक शामिल हैं। बातचीत में तकनीक हस्तांतरण के माध्यम से भारत में उत्पादन क्षमता विकसित करने पर भी सहमति की दिशा में चर्चा हुई।

आत्मनिर्भर भारत पर फोकस

बैठक में भारत के आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन कार्यक्रम को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग चाहता है जो घरेलू उत्पादन और तकनीकी विकास को मजबूत करे। इटली ने भी इस दिशा में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।

नौसैनिक सहयोग और भविष्य की योजनाएं

इटली के रक्षा प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय तटरक्षक बल सहित कई रक्षा इकाइयों के साथ भी बातचीत की। दोनों देशों ने भविष्य में सैन्य सहयोग को व्यवस्थित करने के लिए 2026-27 की द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना पर भी विचार-विमर्श किया।

रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा

इस बैठक को भारत और इटली के बीच रक्षा संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देश आने वाले समय में तकनीकी सहयोग, संयुक्त उत्पादन और रक्षा उद्योग में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमत दिखाई दिए।

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