राष्ट्रीय

GangaLevel – पहाड़ों में बारिश के बाद ब्रजघाट में बढ़ा गंगा का जलस्तर

GangaLevel- उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। सोमवार को ब्रजघाट में गंगा नदी के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ों में भारी वर्षा और बिजनौर बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

gangalevel brajghat water rise

जलस्तर में दर्ज हुई बढ़ोतरी

बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार तक ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर समुद्र तल से 198.17 मीटर तक पहुंच गया। पिछले 24 घंटे के दौरान इसमें लगभग 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी इसमें बदलाव संभव है।

खादर क्षेत्र में बढ़ी किसानों की चिंता

गंगा के बढ़ते जलस्तर से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। चक लठीरा गांव के प्रधान निरंजन सिंह ने बताया कि नदी के किनारों पर लगातार भू-कटान हो रहा है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो तटीय इलाकों में खड़ी फसलें नदी की चपेट में आ सकती हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हालात पर लगातार निगरानी रखने की मांग की है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

तहसीलदार पवन कुमार ने बताया कि फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और स्थिति सामान्य बनी हुई है। इसके बावजूद प्रशासन किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों की टीमें तटीय गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से संपर्क बनाए हुए हैं और आवश्यक जानकारी जुटा रही हैं।

बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी

प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी की जा रही है ताकि जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मौसम पर रहेगी प्रशासन की नजर

अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति के आधार पर गंगा के जलस्तर में और बदलाव हो सकता है। इसी कारण जल संसाधन और राजस्व विभाग लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव के लिए आवश्यक संसाधन पहले से तैयार रखे गए हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.