LegalShield – जहांगीर खान की सुरक्षा हटाने पर आया हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
LegalShield – कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को दी गई अंतरिम सुरक्षा समाप्त कर दी है। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि पहले दिया गया सुरक्षा आदेश अब जारी रखने की जरूरत नहीं है। यह मामला 2019 में दर्ज एक पुराने केस और हालिया चुनावी परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है। अदालत के फैसले के बाद अब जहांगीर खान को पहले मिली कानूनी राहत का लाभ नहीं मिलेगा।

चुनावी प्रक्रिया के दौरान मिली थी राहत
जानकारी के मुताबिक, फलता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे जहांगीर खान ने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत ने चुनावी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए उन्हें अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। यह राहत सीमित अवधि के लिए थी और इसकी वैधता बुधवार को खत्म होने वाली थी। इसी कारण मामले की दोबारा सुनवाई की गई।
मंगलवार सुबह जब केस सुनवाई के लिए आया, उस समय संबंधित पक्ष की ओर से कोई वकील मौजूद नहीं था। इसके बाद मामला दूसरी पीठ के पास भेजा गया। बाद में दोपहर में सुनवाई दोबारा शुरू हुई, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
अदालत ने पुलिस रिपोर्ट पर जताया भरोसा
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन ने कहा कि याचिकाकर्ता को मिली सुरक्षा मुख्य रूप से चुनाव में भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दी गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि जहांगीर खान ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग नहीं की थी, बल्कि केवल गिरफ्तारी से राहत चाही थी।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने अदालत में अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि मामले की जांच में किसी तरह की कानूनी रुकावट नहीं है। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने पूछा कि जब जांच प्रक्रिया सामान्य रूप से चल सकती है, तब सुरक्षा आदेश जारी रखने की आवश्यकता क्यों होनी चाहिए। इसके बाद अदालत ने पूर्व में दी गई अंतरिम सुरक्षा समाप्त करने का आदेश दे दिया।
जवाब दाखिल करने के लिए मांगा गया समय
जहांगीर खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि मामले में विस्तृत जवाब तैयार करने के लिए कुछ और समय चाहिए। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और पुलिस रिपोर्ट पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुना दिया।
सूत्रों के अनुसार, जहांगीर खान के खिलाफ कुल सात प्राथमिकी दर्ज हैं। इन्हीं मामलों में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए उन्होंने अदालत से संरक्षण मांगा था। अब अदालत द्वारा सुरक्षा हटाए जाने के बाद जांच एजेंसियों के लिए आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
चुनाव से पहले लिया था बड़ा फैसला
फलता विधानसभा सीट पर मतदान से ठीक पहले जहांगीर खान ने चुनाव मैदान से हटने की घोषणा कर दी थी। उनके इस फैसले ने उस समय राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा बटोरी थी। हालांकि उनका नाम चुनावी प्रक्रिया में बना रहा और मतगणना के बाद उन्हें करीब सात हजार वोट मिले।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अदालत का यह फैसला आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति और कानूनी मामलों दोनों पर असर डाल सकता है। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहने की संभावना है।