NIACase – तिहाड़ में बंद अमेरिकी आरोपी ने अदालत से अलग भोजन व्यवस्था की करी मांग
NIACase – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आतंकवाद से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक ने दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर कर तिहाड़ जेल में अपने लिए अलग भोजन तैयार करने की अनुमति मांगी है। आरोपी का कहना है कि जेल में उपलब्ध भोजन उसके खानपान की आदतों के अनुकूल नहीं है, जिसके कारण उसे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस आवेदन पर पटियाला हाउस कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की गई है।

स्वास्थ्य संबंधी दलील का दिया हवाला
याचिका में आरोपी की ओर से कहा गया है कि वह अप्रैल से तिहाड़ जेल में बंद है और भारतीय शैली के भोजन को नियमित रूप से ग्रहण नहीं कर पा रहा है। उसके वकील ने अदालत को बताया कि इसी वजह से वह 6 मई 2026 से भोजन नहीं कर रहा है। आवेदन में दावा किया गया है कि लंबे समय तक पर्याप्त भोजन नहीं मिलने से उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और उसका वजन भी काफी कम हो गया है।
अदालत से विशेष सुविधा की मांग
बचाव पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया है कि वैनडाइक को जेल परिसर में सीमित दायरे में स्वयं भोजन तैयार करने की अनुमति दी जाए। याचिका के अनुसार, आरोपी का परिवार आवश्यक खाद्य सामग्री, रसोई के उपकरण और इससे जुड़ा पूरा खर्च वहन करने के लिए तैयार है। अदालत से यह भी आग्रह किया गया है कि यदि सुरक्षा मानकों के अनुरूप संभव हो तो आवश्यक बर्तनों और खाना बनाने के उपकरणों के उपयोग की अनुमति दी जाए।
खाद्य सामग्री और उपकरणों का किया उल्लेख
आवेदन में कई प्रकार की खाद्य सामग्री और रसोई उपकरणों का जिक्र किया गया है। इनमें विभिन्न खाद्य पदार्थों के साथ एक इंडक्शन कुकर, खाना पकाने के बर्तन और अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं। अदालत अब जेल प्रशासन से यह जानना चाहती है कि सुरक्षा नियमों और जेल मैनुअल के तहत ऐसी किसी व्यवस्था की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।
आतंकवाद से जुड़े मामले में हुई थी गिरफ्तारी
NIA ने मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को इस वर्ष मार्च में कोलकाता हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार, उसके साथ छह यूक्रेनी नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सभी आरोपी भारत से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क की कथित गतिविधियों में शामिल थे। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया अदालत में चल रही है।
जांच एजेंसी ने लगाए गंभीर आरोप
NIA का आरोप है कि आरोपी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के संपर्क में था और उन तक आधुनिक हथियारों, सैन्य उपकरणों तथा प्रशिक्षण से जुड़ी सहायता पहुंचाने की गतिविधियों में शामिल रहा। जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगा।
UAPA के तहत दर्ज है मामला
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में विदेशी नागरिकों के एक समूह पर भारत से म्यांमार सीमा तक अवैध गतिविधियों से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आगामी तारीख पर जेल प्रशासन तथा अन्य पक्षों का जवाब रिकॉर्ड किया जाएगा।