PrisonersList – भारत और पाकिस्तान ने साझा की कैदियों की नई आधिकारिक सूची
PrisonersList – भारत और पाकिस्तान ने द्विपक्षीय समझौते के तहत एक-दूसरे की जेलों में बंद नागरिकों और मछुआरों की ताजा सूची का आदान-प्रदान किया है। यह प्रक्रिया निर्धारित राजनयिक व्यवस्था के तहत हर छह महीने में पूरी की जाती है। इस बार 1 जुलाई को नई सूची दोनों देशों ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद स्थित राजनयिक माध्यमों से एक-दूसरे को सौंपी, जिसमें दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की अद्यतन संख्या दर्ज की गई है।

पाकिस्तान की जेलों में 250 भारतीय कैदी
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस समय पाकिस्तान की जेलों में कुल 250 भारतीय नागरिक बंद हैं। इनमें 52 सामान्य नागरिक कैदी हैं, जबकि 198 भारतीय मछुआरे शामिल हैं। समुद्री सीमा के अनजाने में उल्लंघन के कारण दोनों देशों के मछुआरों की गिरफ्तारी लंबे समय से एक सामान्य द्विपक्षीय मुद्दा रही है, जिस पर समय-समय पर बातचीत भी होती रही है।
भारत की जेलों में 439 पाकिस्तानी नागरिक
सूची के मुताबिक, भारत की विभिन्न जेलों में कुल 439 पाकिस्तानी नागरिक बंद हैं। इनमें 386 सामान्य नागरिक कैदी हैं, जबकि 53 पाकिस्तानी मछुआरे ऐसे हैं जिन्हें समुद्री सीमा पार करने के मामलों में हिरासत में लिया गया है। दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा स्पष्ट होने के बावजूद कई बार मछुआरे अनजाने में सीमा पार कर जाते हैं, जिसके बाद उन्हें संबंधित देश की एजेंसियां हिरासत में ले लेती हैं।
छह महीने में एक बार होती है सूची की अदला-बदली
भारत और पाकिस्तान के बीच कैदियों की जानकारी साझा करने की व्यवस्था एक द्विपक्षीय समझौते के तहत संचालित होती है। इसके अनुसार हर वर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को दोनों देश अपने-अपने यहां बंद दूसरे देश के नागरिकों और मछुआरों की सूची एक-दूसरे को उपलब्ध कराते हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य कैदियों की पहचान सुनिश्चित करना और आवश्यक राजनयिक तथा कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करना है।
भारत ने रिहाई और कांसुलर पहुंच की उठाई मांग
सूची सौंपने के साथ भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से उन भारतीय नागरिकों की शीघ्र रिहाई का आग्रह किया है, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है। भारत ने ऐसे 188 भारतीय कैदियों को जल्द रिहा करने की मांग दोहराई है। इसके अलावा भारत ने 13 ऐसे नागरिक कैदियों तक तत्काल कांसुलर पहुंच उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है, जिन्हें भारतीय माना जा रहा है लेकिन अब तक भारतीय अधिकारियों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिली है।
पाकिस्तान ने भी रखी अपनी मांग
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने भी भारत से अपने कुछ नागरिकों की रिहाई का अनुरोध किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने भारत की जेलों में बंद 97 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा करने की मांग उठाई है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक मतभेदों के बावजूद कैदियों से जुड़े मानवीय मामलों पर समय-समय पर राजनयिक स्तर पर संवाद जारी रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नियमित प्रक्रिया पारदर्शिता बनाए रखने और मानवीय मुद्दों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।