PulsePolio – चाईबासा में हुई पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत, बच्चों को पिलाई गई जीवनरक्षक खुराक
PulsePolio – पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

हर पात्र बच्चे तक पहुंचाने पर जोर
अभियान के शुभारंभ के दौरान उपायुक्त ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने सभी पात्र बच्चों को निर्धारित समय पर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी बच्चा इस अभियान से छूट जाता है, तो पोलियो उन्मूलन के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए प्रत्येक परिवार का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताई तैयारियां
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अभियान के संचालन को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, जिले में विभिन्न बूथों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से पात्र बच्चों तक पोलियो की दवा पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों और संबंधित टीमों को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
लोगों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रशासन का कहना है कि अपने आसपास रहने वाले सभी पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद जीवनरक्षक खुराक दिलाना प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इससे जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखने के प्रयास और अधिक मजबूत होंगे।
पोलियो उन्मूलन की दिशा में निरंतर प्रयास
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित टीकाकरण और पल्स पोलियो अभियान ने देश में पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी क्रम को बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते हैं, ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए और भविष्य में भी पोलियो का खतरा न बढ़े।
कई अधिकारी रहे उपस्थित
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. जूझार माझी, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर की अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी ईरा जोरवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने और अधिक से अधिक बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
जनभागीदारी को बताया सफलता की कुंजी
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान की सफलता लोगों की जागरूकता और भागीदारी पर निर्भर करती है। ऐसे में अभिभावकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ या स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर दवा जरूर पिलाएं, ताकि जिले में पोलियो मुक्त स्थिति बरकरार रह सके।