PulsePolioDrive – रेलवे कॉलोनियों में घर-घर पहुंचेगी पोलियो टीकाकरण अभियान की टीम
PulsePolioDrive – राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत टाटानगर रेलवे क्षेत्र में तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में रेलवे सिविल डिफेंस की टीम सक्रिय भूमिका निभाएगी और पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न रेलवे कॉलोनियों में घर-घर पहुंचेगी। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रह जाए।

प्रशिक्षण के साथ शुरू हुई तैयारियां
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए टाटानगर रेलवे अस्पताल में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने की प्रक्रिया, आवश्यक सावधानियों और घर-घर जाकर अभियान चलाने के तरीकों की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
पहले दिन बूथों पर दी गई खुराक
अभियान के पहले चरण में निर्धारित पोलियो बूथों पर पांच वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाई गई। इसके बाद दूसरे और तीसरे दिन उन बच्चों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है, जो किसी कारणवश बूथों तक नहीं आ सके। इसके लिए सिविल डिफेंस की टीमें रेलवे कॉलोनियों में घर-घर जाकर टीकाकरण सुनिश्चित करेंगी।
कई कॉलोनियों में चलेगा विशेष अभियान
रेलवे स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 29 और 30 जून को साउथ सेटलमेंट, ट्रैफिक कॉलोनी, गोलपहाड़ी, खासमहल, बागबेड़ा और अन्य रेलवे आवासीय क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्वयंसेवक प्रत्येक घर तक पहुंचकर पांच वर्ष तक के बच्चों की पहचान करेंगे और उन्हें पोलियो की निर्धारित खुराक पिलाएंगे। इस दौरान लोगों को पोलियो उन्मूलन के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों का समन्वय
इस अभियान में रेलवे स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों और स्काउट सदस्यों का संयुक्त सहयोग रहेगा। सभी टीमें समन्वित तरीके से कार्य करेंगी ताकि निर्धारित समय के भीतर अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक प्रयासों से अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
वरिष्ठ चिकित्सक की निगरानी में होगा संचालन
रेलवे प्रशासन के अनुसार, पूरे अभियान का संचालन टाटानगर रेलवे अस्पताल के वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. पाली टारगेन के मार्गदर्शन में किया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर संबंधित टीमों को तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अभिभावकों से सहयोग की अपील
रेलवे स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं। साथ ही घर-घर पहुंचने वाली टीमों का सहयोग करें, ताकि कोई भी बच्चा इस राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान से छूट न जाए। प्रशासन का मानना है कि जनसहभागिता से ही पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को मजबूत बनाया जा सकता है।