RailwayRules – एक जुलाई से लागू होंगे रेलवे के संशोधित दंड और जुर्माना नियम
RailwayRules – भारतीय रेलवे ने यात्रियों से जुड़े कई दंडात्मक प्रावधानों में बदलाव किया है। जन विश्वास अधिनियम के तहत किए गए संशोधनों के अनुसार, कई मामलों में जेल की सजा को कम किया गया है या हटाकर जुर्माने का प्रावधान प्रमुख बनाया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, नए नियम 1 जुलाई से प्रभावी होंगे और इनका उद्देश्य नियमों के पालन के साथ कानूनी प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक बनाना है।

कई धाराओं में किया गया संशोधन
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, विभिन्न प्रावधानों में संशोधन कर कुछ अपराधों के लिए जेल के स्थान पर आर्थिक दंड को प्राथमिकता दी गई है। कई मामलों में जुर्माने की राशि भी पहले की तुलना में बढ़ाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि गंभीर मामलों में अदालत के पास आवश्यक कार्रवाई का अधिकार पहले की तरह बना रहेगा।
बिना टिकट यात्रा पर नए प्रावधान
संशोधित नियमों के तहत यदि कोई यात्री बिना टिकट या वैध पास के यात्रा करता है अथवा पहले इस्तेमाल किए जा चुके टिकट का उपयोग करता है, तो उससे निर्धारित किराया और अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। यदि संबंधित व्यक्ति भुगतान नहीं करता है, तो मामला रेलवे न्यायालय में भेजा जा सकता है। न्यायालय परिस्थितियों के आधार पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई का आदेश दे सकता है।
ट्रेन में अनुशासनहीनता पर कार्रवाई
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई यात्री शराब के नशे में ट्रेन के भीतर हंगामा करता है या अन्य यात्रियों को असुविधा पहुंचाता है, तो उसे ट्रेन से उतारा जा सकता है। इसके साथ ही उसका टिकट या पास जब्त किया जा सकता है। ऐसे मामलों में जुर्माना, कानूनी कार्रवाई अथवा अदालत के आदेश के अनुसार सामुदायिक सेवा जैसे प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।
टिकट के दुरुपयोग पर भी सख्ती
यदि कोई यात्री दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उससे निर्धारित किराया और अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। भुगतान नहीं करने की स्थिति में मामला रेलवे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। अदालत उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय करेगी।
बिना लाइसेंस बिक्री और भीख मांगने पर नियम
रेलवे परिसरों और ट्रेनों में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने से जुड़े मामलों में भी दंड के प्रावधान संशोधित किए गए हैं। पहली बार नियमों के उल्लंघन पर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। यदि निर्धारित जुर्माना जमा नहीं किया जाता या बार-बार उल्लंघन होता है, तो मामले में न्यायालय के माध्यम से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
एक जुलाई से लागू होंगे नए नियम
प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि जन विश्वास अधिनियम के तहत इन बदलावों का उद्देश्य छोटे मामलों में जेल को अंतिम विकल्प के रूप में रखना और जुर्माने की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि संशोधित नियम 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होंगे और यात्रियों से अपेक्षा की गई है कि वे रेलवे के सभी नियमों का पालन करें।