ShubmanGill – खिलाड़ियों की फिटनेस पर कप्तान ने जताई चिंता, हार के बाद कही ये बड़ी बात
ShubmanGill – इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले में हार के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टीम की फिटनेस और लगातार बदलते संयोजन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उनका कहना है कि चोटिल खिलाड़ियों की वजह से टीम प्रबंधन को हर मैच में नई प्लेइंग इलेवन और अलग रणनीति अपनानी पड़ी। गिल के अनुसार, यदि टीम का लक्ष्य 2027 वनडे विश्व कप है, तो खिलाड़ियों का लंबे समय तक फिट रहना और पूरी प्रतियोगिता खेलने के लिए उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

चोटों ने बिगाड़ा टीम का संतुलन
इंग्लैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम को कई प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपलब्धता का सामना करना पड़ा। अंतिम वनडे से पहले जसप्रीत बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे। इससे पहले हर्षित राणा भी टी20 सीरीज के दौरान चोटिल होकर वनडे टीम से बाहर हो गए थे। वहीं, नितीश कुमार रेड्डी दौरे का हिस्सा नहीं बन सके, जबकि हार्दिक पांड्या और मोहम्मद सिराज भी फिटनेस संबंधी कारणों से चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। इन परिस्थितियों ने टीम के संतुलन पर सीधा असर डाला।
हर मैच में बदलना पड़ा संयोजन
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने कहा कि इंग्लैंड दौरे के लिए जिस टीम का चयन किया गया था, उसके कई खिलाड़ी अंतिम मुकाबले तक उपलब्ध नहीं रहे। उन्होंने बताया कि एक-दो खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी तक तो रणनीति बदली जा सकती है, लेकिन लगातार हर मैच में बदलाव करना किसी भी टीम के लिए चुनौती बन जाता है। गिल ने कहा कि जब बार-बार नई प्लेइंग इलेवन बनानी पड़े तो पहले से तैयार योजनाओं को लागू करना आसान नहीं रहता।
विश्व कप की तैयारी के लिहाज से अहम मुद्दा
भारतीय कप्तान ने कहा कि अगर टीम 2027 विश्व कप को लक्ष्य मानकर तैयारी कर रही है, तो खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होगी। उन्होंने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में लगातार कई मुकाबले खेलने होते हैं। ऐसे में यदि खिलाड़ी छोटी-छोटी चोटों के कारण बार-बार बाहर होते रहें तो टीम की लय और संयोजन दोनों प्रभावित होते हैं। गिल के मुताबिक, इस क्षेत्र में सुधार की जरूरत है ताकि बड़े टूर्नामेंट में टीम पूरी क्षमता के साथ उतर सके।
मैच से पहले भी रही अनिश्चितता
गिल ने यह भी बताया कि कई बार मैच वाले दिन तक किसी खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर स्पष्ट स्थिति नहीं होती। ऐसे हालात में टीम प्रबंधन के सामने जोखिम लेने या अंतिम समय पर बदलाव करने जैसी स्थिति बन जाती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं है और गेंदबाजी या बल्लेबाजी के दौरान परेशानी बढ़ जाती है, तो पूरी रणनीति प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से फिटनेस को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
गेंदबाजी प्रदर्शन पर भी जताई निराशा
कप्तान ने मैच के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए माना कि भारतीय गेंदबाजी अपेक्षा के अनुरूप प्रभाव नहीं छोड़ सकी। उनके अनुसार, शुरुआती ओवरों में टीम दबाव नहीं बना सकी और कई ढीली गेंदों का फायदा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने उठाया। उन्होंने कहा कि अंतिम ओवरों में अतिरिक्त रन खर्च होने से विपक्षी टीम का स्कोर काफी बढ़ गया। गिल का मानना है कि यदि इंग्लैंड का स्कोर 340 से 350 रन के बीच रहता तो लक्ष्य का पीछा करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता था, लेकिन 387 रन का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।