KuldeepYadav – इंग्लैंड वनडे सीरीज में बाहर रहने की वजह पर गिल ने दी सफाई
KuldeepYadav– भारत और इंग्लैंड के बीच हाल ही में खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव को एक भी मुकाबले में अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बनाया गया। सीरीज के दौरान उनके लगातार बाहर रहने को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच कई सवाल उठे। खासकर तीसरे वनडे में, जब जसप्रीत बुमराह चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे, तब उम्मीद थी कि टीम प्रबंधन अतिरिक्त स्पिन विकल्प के रूप में कुलदीप को मौका देगा। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। अब इस फैसले के पीछे की रणनीति पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

स्पिन की बजाय तेज गेंदबाजी पर रहा भरोसा
शुभमन गिल ने मैच के बाद बताया कि सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में इस्तेमाल हुई पिचों से यह संकेत मिला था कि स्पिन गेंदबाजों को अपेक्षित मदद नहीं मिल रही थी। उनके अनुसार जब भी स्पिनर गेंदबाजी कर रहे थे, टीम को अधिक रक्षात्मक फील्ड लगानी पड़ रही थी, जबकि तेज गेंदबाज लगातार बल्लेबाजों पर दबाव बनाने और मौके तैयार करने में सफल हो रहे थे। इसी आकलन के आधार पर टीम प्रबंधन ने अतिरिक्त स्पिनर को शामिल नहीं करने का फैसला किया।
निर्णायक मुकाबले में भी नहीं बदली रणनीति
लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इंग्लैंड के बल्लेबाजों को पूरी तरह रोक नहीं सका। इंग्लैंड ने 387 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया, जिसमें अंतिम छह ओवरों में ही 90 रन जुड़े। पूरे मैच के दौरान भारत को मध्य ओवरों में विकेट निकालने के लिए संघर्ष करना पड़ा और टीम केवल तीन विकेट ही हासिल कर सकी। इसके बावजूद कुलदीप यादव को मौका नहीं मिला, जिससे चयन को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
मैच आगे बढ़ने पर बदला पिच का व्यवहार
गिल ने यह भी स्वीकार किया कि मुकाबला आगे बढ़ने के साथ पिच का स्वभाव बदलता नजर आया। उनके मुताबिक शुरुआती चरण में ऐसा नहीं लगा था कि सतह इतनी धीमी होगी, लेकिन बाद में गेंद रुककर आने लगी। उन्होंने कहा कि जब भारतीय स्पिनर अक्षर पटेल गेंदबाजी कर रहे थे, तब तक पिच का व्यवहार पहले की तुलना में बदल चुका था। कप्तान का मानना है कि मैच से पहले उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर ही टीम संयोजन तैयार किया गया था।
कुलदीप की भूमिका पर बनी हुई है चर्चा
कुलदीप यादव पिछले कुछ समय से सीमित ओवरों के अलावा अन्य प्रारूपों में भी सीमित अवसर ही प्राप्त कर रहे हैं। इंग्लैंड वनडे सीरीज में लगातार बाहर रहने के बाद उनके भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि टीम प्रबंधन की ओर से फिलहाल यही संकेत दिया गया है कि चयन का आधार परिस्थितियां और रणनीतिक जरूरतें थीं, न कि खिलाड़ी की क्षमता पर कोई सवाल।
आगामी सीरीज में रहेंगे सबकी नजरों में
अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर भारतीय टीम की अगली वनडे सीरीज पर रहेगी। यदि स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल परिस्थितियां मिलती हैं, तो कुलदीप यादव की वापसी की संभावना मजबूत हो सकती है। आने वाले मुकाबलों में चयनकर्ता और टीम प्रबंधन किस संयोजन के साथ उतरते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।