GreenEnergy – हेमंत सोरेन ने पौधरोपण बढ़ाने और वन प्रबंधन को लेकर दिए नए निर्देश
GreenEnergy – झारखंड सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए नई पहल पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि राज्य में “पेड़ लगाओ, फ्री बिजली पाओ” योजना के तहत एक पौधा लगाने वाले पात्र लोगों को पांच यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग पौधरोपण अभियान से जुड़ सकें और शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाया जा सके।

वन क्षेत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान वन विभाग को एक माह के भीतर राज्य के सभी वन क्षेत्रों का तकनीकी और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों की डिजिटल मैप लेयरिंग की जाए, जिससे उनकी वास्तविक स्थिति, सीमाएं, संरचना और वर्तमान स्वरूप की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो सके। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में पारदर्शिता तथा दक्षता बढ़ेगी।
स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हो पौधरोपण
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पौधरोपण केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी और ग्रामीण जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने महुआ, जामुन, करंज, पलाश, कुसुम, बैर और तसर उत्पादन में उपयोगी अर्जुन जैसे वृक्षों के बड़े पैमाने पर रोपण पर जोर दिया। उनका कहना था कि ऐसे पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका, पशुपालन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगे।
वन विभाग की योजनाओं की हुई समीक्षा
प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान सभी जिलों के वन प्रमंडल अधिकारियों से ऑनलाइन संवाद स्थापित किया गया। मुख्यमंत्री ने दुमका, जामताड़ा और कोडरमा के अधिकारियों से सीधे बातचीत कर विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी ली।
वैज्ञानिक प्रबंधन और संरक्षण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद कई वन क्षेत्रों में उल्लेखनीय बदलाव आए हैं। कहीं जंगलों का विस्तार हुआ है तो कई स्थानों पर इको-टूरिज्म परियोजनाएं, गेस्ट हाउस, खनन गतिविधियां और संरक्षित क्षेत्रों की सीमाओं में परिवर्तन देखने को मिला है। ऐसे में वन क्षेत्रों का वैज्ञानिक दस्तावेज तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने अनुपयोगी पेड़ों की वैज्ञानिक तरीके से कटाई की योजना बनाने और हेलीकॉप्टर के माध्यम से बीजों के छिड़काव जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
वन पट्टा और हरित अभियान को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने पात्र लाभार्थियों को बिना देरी वन पट्टों का वितरण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने शहरी इलाकों में अकाशिया सहित अन्य छायादार पौधों का रोपण बढ़ाने, प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानकों का पालन करने और जनविश्वास एप के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। साथ ही शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए नियमित पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए।
व्यावसायिक खेती से बढ़ेगी आय
बैठक में मुख्यमंत्री ने काजू, बैम्बू और अन्य व्यावसायिक पौधों की खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से बड़े भू-भागों की पहचान कर वहां काजू और बैम्बू के पौधे लगाने की योजना तैयार करने को कहा। उनका कहना था कि इससे राज्य में उत्पादन बढ़ेगा, किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।