Ayodhya – राम मंदिर दान प्रकरण पर संत समाज ने चंपत राय का किया समर्थन
Ayodhya – राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले को लेकर अयोध्या में आयोजित संतों की बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मौजूद संतों ने एकमत से कहा कि इस प्रकरण को व्यापक स्तर पर प्रचारित कर अयोध्या, राम मंदिर और संत समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। बैठक में कई संतों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के प्रति अपना विश्वास भी व्यक्त किया।

जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील
बैठक की अध्यक्षता कर रहे मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि मामले में पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (SIT) अपनी जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब जांच की प्रक्रिया जारी है, तब किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, बिना जांच पूरी हुए सार्वजनिक रूप से आरोप-प्रत्यारोप उचित नहीं हैं।
कुछ संतों ने साजिश की आशंका जताई
धार्मिक न्यास समिति के सदस्य महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने अपने संबोधन में कहा कि राम मंदिर से जुड़े इस मामले को लेकर कुछ समूहों ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद खड़ा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद से ही कुछ वर्ग लगातार इस विषय को लेकर आलोचनात्मक रुख अपनाए हुए हैं। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर ही राय बनाई जानी चाहिए।
चंपत राय के प्रति जताया भरोसा
धार्मिक न्यास समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि संत समाज का बड़ा वर्ग चंपत राय पर विश्वास व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि जब तक किसी जांच में कोई तथ्य सामने नहीं आता, तब तक किसी व्यक्ति की भूमिका पर संदेह करना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर समाज में अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए।
संगोष्ठी में कई संत और संगठन प्रतिनिधि रहे मौजूद
मणिराम छावनी में आयोजित इस संगोष्ठी में विभिन्न अखाड़ों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े कई संत शामिल हुए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के कुछ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। हालांकि, संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। बैठक के दौरान मंदिर व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और वर्तमान घटनाक्रम पर भी चर्चा की गई।
संतों के लिए वैकल्पिक दर्शन मार्ग पर विचार
बैठक में रामलला के दर्शन को लेकर संतों की सुविधा का मुद्दा भी उठाया गया। इस दौरान सुझाव दिया गया कि संतों के लिए एक अलग और सुगम वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों और दर्शन में सुविधा हो सके। महंत कमलनयन दास ने इस संबंध में सकारात्मक आश्वासन दिया। वहीं, स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि मंदिर में पूजा-पद्धति निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संचालित हो रही है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सुझावों पर विचार किया जाएगा।