Murder – गोरखपुर में सर्राफा कारोबारी हत्याकांड का 24 घंटे में हुआ खुलासा
Murder – उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सर्राफा कारोबारी रामलाल वर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर अहम सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एक अन्य साथी की भी जानकारी दी है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कर्ज के पैसे बने हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार, 70 वर्षीय रामलाल वर्मा ने कुछ समय पहले मुख्य आरोपी प्रिंस पांडेय को बाइक खरीदने के लिए एक लाख रुपये उधार दिए थे। बताया जा रहा है कि जब कारोबारी लगातार अपने पैसे वापस मांगने लगे, तब आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची। प्रारंभिक जांच में इसी आर्थिक विवाद को हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है।
मंदिर ले जाने के बहाने दिया वारदात को अंजाम
एसपी साउथ दिनेश पुरी के मुताबिक, घटना वाले दिन आरोपी प्रिंस पांडेय अपने ममेरे भाई अंशु दुबे के साथ बाइक से रामलाल वर्मा के पास पहुंचा। उसने व्यापारी को दुकान तक छोड़ने का बहाना बनाकर बाइक पर बैठा लिया। रास्ते में कसिहार बंधे के पास स्थित मंदिर में दर्शन करने के नाम पर बाइक रोकी गई। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान एक आरोपी ने पीछे से बुजुर्ग को पकड़ लिया, जबकि दूसरे ने धारदार हथियार से उनकी गर्दन पर हमला कर दिया। वारदात के बाद शव को नदी में फेंककर आरोपी मौके से फरार हो गए।
लूटा गया सामान पुलिस ने किया बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक की सोने की चेन, लॉकेट, अंगूठी और 6,595 रुपये नकद बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने हत्या के बाद आभूषण और नकदी भी अपने साथ ले ली थी। पुलिस अब घटना में शामिल चौथे संदिग्ध की तलाश कर रही है, जिसकी पहचान आरोपियों के बयान के आधार पर की गई है।
व्यापारियों ने जताया विरोध, बाद में पुलिस का किया धन्यवाद
घटना के बाद गोरखपुर के व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। गुरुवार सुबह कई सर्राफा कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर प्रदर्शन किया और जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। हालांकि, देर शाम पुलिस द्वारा मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद व्यापारियों ने त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस का आभार भी व्यक्त किया।
सीसीटीवी फुटेज से जांच को मिली दिशा
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद ग्रामीणों ने बंधे के पास शव देखकर सूचना दी थी। इसके बाद आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच में दो संदिग्ध युवक व्यापारी को बाइक पर बैठाकर ले जाते हुए दिखाई दिए, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।