FireSafety – लखनऊ अग्निकांड की जांच में शॉर्ट सर्किट बनी शुरुआती वजह
FireSafety – लखनऊ के अलीगंज स्थित बहुमंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में शुरुआती कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। अग्निशमन विभाग की जांच के अनुसार, भवन की पहली मंजिल पर स्थित एक पेट्स शॉप के वेयरहाउस में रखे फ्रीजर में तकनीकी खराबी के चलते आग लगी। इसके बाद आग तेजी से इमारत के अन्य हिस्सों में फैल गई। इस हादसे में 15 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी गई है।

फ्रीजर से शुरू हुई आग
अग्निशमन विभाग की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, सबसे पहले फ्रीजर के विद्युत तार में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़की। इसके बाद लपटें भवन के बाहरी हिस्से में लगे बैनर और होर्डिंग तक पहुंच गईं। आग तेजी से फैलने के कारण स्थिति कुछ ही समय में गंभीर हो गई।
एसी यूनिट और वाहनों तक पहुंचीं लपटें
जांच में सामने आया कि आग बढ़ने के साथ एसी के कंप्रेसर में विस्फोट हुआ। इसके बाद भूतल पर प्रवेश द्वार के पास लगे कई आउटडोर एसी यूनिट आग की चपेट में आ गए। आग नीचे खड़ी मोटरसाइकिलों तक भी पहुंच गई। वाहनों के फ्यूल टैंक में आग लगने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई, जिससे आग पर काबू पाने में अतिरिक्त चुनौती सामने आई।
सुरक्षा मानकों में मिलीं खामियां
मुख्य अग्निशमन अधिकारी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, भवन में आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का अभाव था। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि इमारत के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं लिया गया था। साथ ही भवन में स्मोक सेंसर और अन्य आवश्यक Fire Safety उपकरण भी स्थापित नहीं पाए गए। इन बिंदुओं को विस्तृत रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
एसआईटी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
अग्निशमन विभाग ने तीन दिनों तक घटनास्थल की जांच, तकनीकी परीक्षण और भवन की संरचना का अध्ययन करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के साथ भवन का नक्शा और विभिन्न मंजिलों पर संचालित संस्थानों का विवरण भी संलग्न किया गया है। यह रिपोर्ट आगे की जांच के लिए एसआईटी को उपलब्ध कराई जाएगी।
हादसे में गई थीं 15 लोगों की जान
अलीगंज अग्निकांड में कुल 15 लोगों की मृत्यु हुई थी। इनमें बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की थी, जो इमारत में संचालित एक प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े थे। हादसे के बाद प्रशासन ने कई संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।