RamMandir – दान मामले की जांच में SIT को सौंपे गए नए दस्तावेज, तेज हुई आरोपों की जांच
RamMandir- अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान अनियमितता प्रकरण में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे ने विशेष जांच दल (SIT) को कई दस्तावेज और कथित साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 75 से अधिक पन्नों का रिकॉर्ड सीओ सिटी श्रेयस त्रिपाठी के माध्यम से जांच टीम तक पहुंचाया गया। इससे पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बातचीत में SIT ने उनसे उपलब्ध सभी दस्तावेज निर्धारित समय के भीतर जमा कराने को कहा था।

कई बिंदुओं पर जांच की मांग
संतोष दुबे ने दावा किया कि उन्होंने आठ प्रमुख विषयों से जुड़े दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंपे हैं। उनके अनुसार, इन दस्तावेजों के साथ कुछ सार्वजनिक बयान और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध वीडियो सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाने का अनुरोध किया गया है। उनका कहना है कि यदि किसी मामले से जुड़े सार्वजनिक दावे सामने आए हैं तो उनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जमीन खरीद और अन्य मामलों का उल्लेख
मीडिया से बातचीत में संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों में मंदिर ट्रस्ट से संबंधित भूमि खरीद, मूर्तियों के रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय निर्णयों से जुड़े बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच एजेंसियों ने भी फिलहाल इस संबंध में कोई निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है। अब इन दस्तावेजों का परीक्षण जांच प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
एफआईआर को लेकर भी उठाया सवाल
धर्मसेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने पहले भी पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन उस पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। उनका कहना है कि उसी शिकायत की प्रति SIT को भी उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाकर एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास करेंगे। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दोबारा स्मरण पत्र भेजने की भी बात कही।
खरीद प्रक्रिया पर लगाए गए आरोप
जांच एजेंसी को दिए गए दस्तावेजों में कुछ भूमि सौदों और निर्माण सामग्री की खरीद से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। संतोष दुबे का दावा है कि कुछ मामलों में संपत्तियों का मूल्य बाजार दर से अधिक पर तय किया गया। इसके अलावा उन्होंने मंदिर निर्माण में उपयोग किए गए पत्थरों की खरीद प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि इन सभी दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई
संतोष दुबे ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पहले विभिन्न सरकारी अधिकारियों और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजी थी। उनका कहना है कि सभी आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में प्रतिनिधित्व से जुड़े कुछ सुझाव भी दिए। फिलहाल SIT उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है तथा जांच आगे बढ़ाई जा रही है।