ElectionBuzz – देहरादून की सीटों पर बढ़ी दावेदारों की राजनीतिक सक्रियता
ElectionBuzz – उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल अभी से तेज होती दिखाई देने लगी है। राजधानी देहरादून की कई विधानसभा सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के संभावित दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शहर में जगह-जगह पोस्टर, सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूदगी और संगठनात्मक गतिविधियों के जरिए नेता अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। खासतौर पर डोईवाला और कैंट विधानसभा सीटों को लेकर दोनों प्रमुख दलों के भीतर सबसे ज्यादा चर्चा देखने को मिल रही है।

देहरादून महानगर की छह प्रमुख सीटों पर इस समय राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट की संभावनाओं को लेकर अंदरखाने रणनीति बननी शुरू हो चुकी है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में इन सीटों पर प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।
डोईवाला सीट पर कई बड़े नाम सक्रिय
डोईवाला विधानसभा सीट इस समय भाजपा के भीतर सबसे ज्यादा चर्चित सीटों में गिनी जा रही है। मौजूदा विधायक बृजमोहन गैरोला के अलावा कई अन्य नेताओं ने भी इस क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज, महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट, कर्नल अजय कोठियाल, जितेंद्र नेगी और धीरेन्द्र पंवार जैसे नाम लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की भूमिका इस सीट पर महत्वपूर्ण रह सकती है। इसके अलावा ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नाम भी समय-समय पर इस सीट के संभावित दावेदारों में सामने आते रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की बेटी विदूषी निशंक की क्षेत्रीय सक्रियता ने भी राजनीतिक चर्चाओं को बढ़ाया है।
कैंट सीट पर भी तेज हुई हलचल
देहरादून कैंट विधानसभा सीट पर भी भाजपा के भीतर कई नाम चर्चा में हैं। महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल लगातार क्षेत्रीय कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। उनके अलावा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र पुंडीर, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी राजेश सेठी और अमित कपूर के नाम भी संभावित दावेदारों में लिए जा रहे हैं।
हालांकि मौजूदा विधायक सविता कपूर भी क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए हुए हैं और आगामी चुनाव की तैयारी में जुटी हैं। पार्टी के भीतर टिकट को लेकर अंतिम फैसला भले बाद में हो, लेकिन अभी से नेताओं के बीच सक्रियता बढ़ने लगी है।
मसूरी और रायपुर सीट पर भी बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
मसूरी विधानसभा सीट पर पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करनी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि उनकी सक्रियता ने मौजूदा विधायक गणेश जोशी के लिए चुनौती की स्थिति पैदा की है। दोनों नेताओं के समर्थक अलग-अलग स्तर पर क्षेत्र में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
रायपुर सीट पर विधायक उमेश शर्मा काऊ के अलावा कुलदीप बुटोला भी दावेदारी को लेकर चर्चाओं में हैं। कुलदीप बुटोला पहले कृषि उत्पादन मंडी समिति और जिला सहकारी बैंक से जुड़े पदों पर रह चुके हैं। क्षेत्रीय कार्यक्रमों में उनकी बढ़ती भागीदारी को राजनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस में भी सीटों को लेकर बढ़ी हलचल
कांग्रेस में धर्मपुर विधानसभा सीट सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है। पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के संभावित प्रवेश की चर्चाओं ने इस सीट का राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, पार्टी प्रवक्ता संदीप चमोली, वैभव वालिया, पूरन सिंह रावत और हरिप्रसाद भट्ट जैसे नेता भी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं।
कैंट सीट पर कांग्रेस की ओर से पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, सूर्यकांत धस्माना, डॉ. जसविंदर गोगी, वीरेंद्र पोखरियाल और अभिनव थापर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजधानी की सीटों पर माहौल बनना शुरू हो चुका है।