Elections – उत्तराखंड चुनाव से पहले भाजपा ने बदली रणनीति, युवाओं पर बढ़ाया फोकस
Elections– उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। नई दिल्ली में आयोजित पार्टी की उच्चस्तरीय बैठक में संगठन को मजबूत करने, पिछली बार गंवाई गई सीटों पर विशेष ध्यान देने और युवाओं, खासकर Gen Z मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाई को जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

हारी हुई सीटों के लिए नेताओं को मिली जिम्मेदारी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि पिछली विधानसभा चुनाव में पार्टी जिन 23 सीटों पर जीत दर्ज नहीं कर सकी थी, उनके लिए अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारी तय की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खटीमा विधानसभा क्षेत्र, जबकि गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को बदरीनाथ सीट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महेंद्र भट्ट स्वयं पिरान कलियर सीट पर संगठनात्मक प्रयासों का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा अन्य सांसदों, मंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी एक-एक विधानसभा क्षेत्र सौंपा गया है।
युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने की तैयारी
बैठक में विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई। पार्टी का मानना है कि बदलते राजनीतिक माहौल में Gen Z वर्ग की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, इसलिए विधानसभा स्तर पर युवाओं के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही पुराने कार्यकर्ताओं को भी दोबारा सक्रिय भूमिका में लाने की योजना बनाई गई है, ताकि संगठनात्मक नेटवर्क को और मजबूत किया जा सके।
संगठन और सरकार के बीच तालमेल पर जोर
दिल्ली स्थित भाजपा के पुराने केंद्रीय कार्यालय में आयोजित इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। केंद्रीय नेतृत्व ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता भी दोहराई।
खेमेबाजी से बचने के निर्देश
सूत्रों के अनुसार, बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि चुनाव से पहले संगठन के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी से बचना होगा। पार्टी नेतृत्व को सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने तथा आपसी समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही सरकार के प्रति यदि कहीं असंतोष या नाराजगी है तो उसे समय रहते संवाद और जनसंपर्क के माध्यम से दूर करने की सलाह भी दी गई।
बूथ स्तर तक पहुंचेगा चुनाव अभियान
बैठक में यह भी तय किया गया कि चुनाव में अब अपेक्षाकृत कम समय बचा है, इसलिए प्रत्येक बूथ को केंद्र में रखकर अभियान चलाया जाएगा। वरिष्ठ नेताओं के लगातार क्षेत्रीय दौरे, लाभार्थी सम्मेलन और जनसंपर्क कार्यक्रमों को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने पिछली समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली और आगामी महीनों में संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने पर बल दिया।