FamilyTragedy – शादी से पहले पिता की मौत से गांव में पसरा मातम
FamilyTragedy – नई टिहरी के प्रतापनगर क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति की छत से गिरकर मौत हो गई। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब उनके घर में खुशियों का माहौल था और अगले ही सप्ताह उनकी दो बेटियों की शादी होने वाली थी। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और गांव में शोक की लहर फैल गई है।

छत से गिरने से हुई दर्दनाक मौत
जानकारी के मुताबिक, प्रतापनगर ब्लॉक के भदूरा पट्टी स्थित पोखरी गांव निवासी 42 वर्षीय प्रवेश लाल दो मई को सेमधार बाजार गए हुए थे। वहां एक मकान की छत पर खड़े होकर वह मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें चक्कर आया और वह नीचे गिर पड़े। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड लंबगांव पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल बौराड़ी रेफर कर दिया गया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजन उन्हें जल्दबाजी में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घर में जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अचानक मातम छा गया।
शादी की तैयारियों के बीच टूटा परिवार
परिजनों के अनुसार, प्रवेश लाल इन दिनों अपनी बेटियों की शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। वह बाजार में शादी के लिए जरूरी सामान और फर्नीचर खरीदने भी गए थे। बड़ी बेटी नीलम की शादी 10 मई को तय थी, जबकि दूसरी बेटी की शादी भी इसी दौरान प्रस्तावित थी। घर में रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो चुका था और उत्सव का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
गांव में पसरा शोक, परिवार बेसुध
इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रवेश लाल एक मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे, जो खेती-बाड़ी के जरिए अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरा आघात लगा है। पत्नी अंजली देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। खासकर बेटियां, जिनकी शादी होने वाली थी, इस सदमे को सहन नहीं कर पा रही हैं।
आर्थिक रूप से साधारण, लेकिन जिम्मेदार पिता
परिवार और परिचितों के अनुसार, प्रवेश लाल की आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी। बेटियों की शादी को लेकर वह काफी समय से तैयारी कर रहे थे और हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रख रहे थे। ऐसे समय में उनका इस तरह चले जाना पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसमूह
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद जीरो ब्रिज घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए। सभी की आंखें नम थीं और माहौल बेहद गमगीन था।
खुशियों से मातम तक का सफर
जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। शादी की तैयारियों के बीच हुई इस घटना ने यह दिखा दिया कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है। परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस दुख से उबरने की है।