Weather Update – उत्तराखंड में मानसून से पहले बारिश का असर, कई जिलों में जारी हुआ अलर्ट
Weather Update – उत्तराखंड में मानसून की आधिकारिक दस्तक का इंतजार अभी जारी है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर सहित कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही पर्वतीय इलाकों में आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

अगले कुछ दिनों में मानसून के अनुकूल परिस्थितियां
देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है। विभाग के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियां अगले तीन से चार दिनों में उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मानसून के प्रवेश के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और समय-समय पर ताजा पूर्वानुमान जारी कर रहा है।
मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस बरकरार
मानसून की प्रतीक्षा के बीच राज्य के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिली है। गुरुवार को देहरादून में अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक रहा। वहीं पंतनगर का तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तेज धूप और उमस के कारण दिनभर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन जिलों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कुछ इलाकों में वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
चमोली में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
गुरुवार देर रात चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण बाजार क्षेत्र में मलबा भर गया। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन मलबे की चपेट में आ गए, जबकि सड़क पर पानी और पत्थर जमा होने से आवाजाही बाधित हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हाईवे बहाल, जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं
बारिश के बाद ग्वालदम हाईवे पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन राहत टीमों ने रात से ही सड़क साफ करने का अभियान शुरू कर दिया। सुबह तक मलबा हटाकर मार्ग को वाहनों के लिए खोल दिया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि अस्पताल परिसर, आसपास की सड़कों और कुछ दुकानों में मलबा पहुंचने से स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मानसून को लेकर प्रशासन की तैयारी तेज
राज्य सरकार ने संभावित भारी बारिश को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग को संवेदनशील सड़कों पर मशीनें और राहत दल तैनात रखने को कहा गया है। सिंचाई विभाग ने भी बाढ़ और जलभराव की आशंका वाले 304 स्थानों की पहचान कर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान यदि कोई सड़क बंद होती है तो उसे जल्द से जल्द खोलने और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की व्यवस्था पहले से की गई है।