StockMarket – नए ऑर्डर से कई कंपनियों में हलचल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
StockMarket – शेयर बाजार में इन दिनों कुछ कंपनियां बड़े प्रोजेक्ट हासिल करने की वजह से चर्चा में हैं। पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनियों को हाल ही में नए ऑर्डर मिले हैं, जिससे उनके कारोबार के विस्तार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब इन स्टॉक्स पर टिकी हुई है। आने वाले सत्रों में इन कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

NLC इंडिया: कोयला उत्पादन से बढ़ेगी ऊर्जा क्षमता
एनएलसी इंडिया के लिए हालिया घटनाक्रम सकारात्मक संकेत दे रहा है। कंपनी और यूपी राज्य विद्युत उत्पादन निगम के संयुक्त उपक्रम ने झारखंड के पचवाड़ा साउथ कोल ब्लॉक में उत्पादन शुरू कर दिया है। इस खदान में अनुमानित 264.84 मिलियन टन कोयले का भंडार मौजूद है और सालाना करीब 9 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इस कोयले का उपयोग घाटमपुर में विकसित हो रहे 3×660 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में किया जाएगा। इससे कंपनी की बिजली उत्पादन क्षमता के साथ-साथ राजस्व में भी स्थिरता आने की उम्मीद है।
शेयर प्रदर्शन की बात करें तो शुक्रवार को कंपनी का शेयर 1.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 270.80 रुपये पर बंद हुआ। बीते पांच कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 3.64 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है, जबकि एक महीने में यह 7 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है।
GR इंफ्रा: सड़क और ऊर्जा परियोजनाओं से मजबूती
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी GR इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दो अहम ऑर्डर मिले हैं। पहला प्रोजेक्ट गुजरात में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से मिला है, जिसकी लागत 1,453 करोड़ रुपये है। इस प्रोजेक्ट के तहत दो लेन सड़क को चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी को NTPC से 413 करोड़ रुपये का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट भी मिला है। इन दोनों सौदों से कंपनी के ऑर्डर बुक में मजबूती आएगी और भविष्य की आय को सहारा मिलेगा।
हालांकि, शेयर बाजार में इसका प्रदर्शन हाल में कमजोर रहा है। शुक्रवार को यह स्टॉक 2.47 प्रतिशत गिरकर 802.95 रुपये पर बंद हुआ। पिछले पांच सत्रों में इसमें 3.60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि एक महीने में यह 13 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है।
रेलटेल: डिजिटल सेवाओं में बढ़ती पकड़
रेलटेल को भी हाल में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स मिले हैं, जो कंपनी के डिजिटल विस्तार को मजबूत करते हैं। कंपनी को KSWAN 3.0 से जुड़ा 444 करोड़ रुपये का आईटी प्रोजेक्ट मिला है। इसके साथ ही मुंबई पोर्ट अथॉरिटी से 13 करोड़ रुपये का हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने का काम भी सौंपा गया है। इन ऑर्डर्स से यह संकेत मिलता है कि रेलटेल अब केवल रेलवे तक सीमित नहीं है, बल्कि ई-गवर्नेंस और हेल्थ टेक्नोलॉजी में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शुक्रवार को इसमें 3.27 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 260 रुपये पर बंद हुआ। पिछले पांच ट्रेडिंग सत्रों में हल्की गिरावट देखने को मिली है, जबकि एक महीने में यह करीब 11.43 प्रतिशत नीचे आ चुका है।
दीपक बिल्डर्स: रिफाइनरी प्रोजेक्ट से मिला नया काम
दीपक बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स इंडिया को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की पानीपत रिफाइनरी टाउनशिप में 474 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मिला है। इस ऑर्डर के साथ कंपनी का कुल ऑर्डर बुक लगभग 2,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह कंपनी के विस्तार के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है और आने वाले समय में इसके कारोबार को गति दे सकता है।
हालांकि, शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक पर दबाव देखने को मिला है। शुक्रवार को यह 13.65 प्रतिशत गिरकर 58.94 रुपये पर बंद हुआ। पिछले पांच सत्रों में इसमें करीब 16 प्रतिशत की गिरावट आई है और एक महीने में यह लगभग 19 प्रतिशत नीचे आ चुका है।
कोल इंडिया: पारंपरिक से आगे बढ़ने की कोशिश
कोल इंडिया अब धीरे-धीरे पारंपरिक कोयला कारोबार से आगे बढ़कर नई ऊर्जा तकनीकों की ओर कदम बढ़ा रही है। कंपनी को 1,057 करोड़ रुपये का बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट मिला है। इसके अलावा दामोदर वैली कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर एक संयुक्त उपक्रम भी बनाया गया है। यह संकेत है कि कंपनी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर रही है।
शेयर प्रदर्शन की बात करें तो शुक्रवार को कोल इंडिया का शेयर मामूली बढ़त के साथ 445.10 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले पांच सत्रों में इसमें 3.39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।