SocialMediaCase – विधायक के भाई की मौत पर 53 दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा
SocialMediaCase – उत्तराखंड में एक जनप्रतिनिधि के परिवार से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसमें सोशल मीडिया पर कथित उत्पीड़न को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। रानीखेत से विधायक ने अपने भाई के निधन के करीब 53 दिन बाद चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से मानसिक दबाव बनाया गया, जिसने घटनाक्रम को गंभीर बना दिया।

भाई की मौत को बताया संदिग्ध, उठाए सवाल
विधायक प्रमोद नैनवाल ने अपने भाई सतीश नैनवाल की मृत्यु को सामान्य नहीं मानते हुए संदेह जताया है। सतीश नैनवाल भिकियासैंण क्षेत्र के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुके थे और उनका निधन 10 फरवरी को उपचार के दौरान हुआ था। परिवार का कहना है कि मौत से पहले की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं, जिन्हें गंभीरता से जांचे जाने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर लगाए आरोप
शिकायत में कहा गया है कि निधन से कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट साझा किए गए थे, जिनकी भाषा और आशय आपत्तिजनक थे। आरोप है कि इन पोस्ट के जरिए जानबूझकर छवि खराब करने और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई। परिजनों का मानना है कि इन गतिविधियों का असर उनके भाई पर पड़ा और इसके बाद घटनाक्रम ने गंभीर रूप ले लिया।
चार लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत
तहरीर में चार व्यक्तियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिन पर इस कथित उत्पीड़न में शामिल होने का आरोप है। हालांकि शिकायत में इनके नाम के अलावा अधिक विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। विधायक ने पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
भतरौंजखान थाना पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच में जुटी पुलिस, सभी पहलुओं पर नजर
पुलिस अब इस मामले में सोशल मीडिया पोस्ट, उनके स्रोत और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या इन पोस्ट का किसी तरह का सीधा प्रभाव पड़ा था। अधिकारियों के अनुसार, जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और सभी तथ्यों को सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
परिवार को न्याय की उम्मीद
इस मामले के सामने आने के बाद परिवार को उम्मीद है कि जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी। लंबे समय बाद दर्ज कराई गई शिकायत ने मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।