HealthAlert – इबोला खतरे के बीच भारत ने बढ़ाई एयरपोर्ट निगरानी
HealthAlert – अफ्रीका के कुछ देशों में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में इबोला वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइनों के लिए नई स्वास्थ्य सुरक्षा प्रक्रिया लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।

हवाई अड्डों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को देशभर में इबोला से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और भूमि सीमाओं पर स्क्रीनिंग प्रक्रिया को और अधिक सख्त बनाया जाए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की समय रहते पहचान हो सके और संक्रमण के किसी भी खतरे को रोका जा सके।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद भारत ने भी अपनी निगरानी प्रणाली को सक्रिय कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
यात्रियों के लिए सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म अनिवार्य
डीजीसीए की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत उन एयरलाइनों को विशेष निर्देश दिए गए हैं जिनकी उड़ानों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क युगांडा और कांगो जैसे देशों से है। अब इन उड़ानों से आने वाले यात्रियों को विमान से उतरने से पहले अनिवार्य रूप से स्व-घोषणा प्रपत्र भरना होगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यात्रियों की यात्रा जानकारी और स्वास्थ्य स्थिति का रिकॉर्ड रखना है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता और निगरानी शुरू की जा सके। अधिकारियों का मानना है कि शुरुआती स्तर पर पहचान संक्रमण नियंत्रण में अहम भूमिका निभा सकती है।
कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को जारी हुए निर्देश
प्रभावित देशों से यात्रियों को लाने वाली कई घरेलू और विदेशी एयरलाइनों को इस नई व्यवस्था का पालन करने के लिए कहा गया है। इनमें एअर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, एमिरेट्स, एयर फ्रांस, एतिहाद एयरवेज और इजिप्टएयर जैसी कंपनियां शामिल हैं। युगांडा और कांगो से जुड़ी उड़ानों की अलग-अलग सूची तैयार की गई है ताकि निगरानी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
नियमों के अनुसार उड़ान के दौरान यात्रियों को इबोला के लक्षणों के बारे में जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है। एयरलाइन कर्मचारियों को विशेष घोषणाएं करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रियों में जागरूकता बनी रहे।
लक्षण मिलने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश
उड़ानों में यह घोषणा की जाएगी कि यदि किसी यात्री को बुखार, तेज कमजोरी, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त, शरीर में दर्द, त्वचा पर चकत्ते या रक्तस्राव जैसे लक्षण महसूस हों तो वह तुरंत चालक दल या एयरपोर्ट की मेडिकल टीम को सूचित करे।
डीजीसीए ने संदिग्ध मामलों से निपटने के लिए अलग प्रोटोकॉल भी तय किया है। यदि उड़ान के दौरान किसी यात्री में संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे विमान के पिछले हिस्से में अलग बैठाया जाएगा। साथ ही उसके आसपास की सीटें खाली रखने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
एयरलाइनों को पर्याप्त मात्रा में मास्क, डिस्पोजेबल दस्ताने, पीपीई किट और सैनिटाइजर उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षा उपाय अपनाए जा सकें।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर शुरू हुई विशेष जांच
गुजरात सरकार ने भी एहतियात के तौर पर अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विशेष स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने बताया कि युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की गहन स्क्रीनिंग की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें शाम से लेकर सुबह तक एयरपोर्ट पर निगरानी कर रही हैं। यात्रियों की यात्रा हिस्ट्री, स्वास्थ्य स्थिति और संभावित लक्षणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी संदिग्ध मामले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता लगातार जारी रहेगी।