Resignation – टीएमसी महिला विंग प्रमुख काकोली घोष ने छोड़ा पद
Resignation – पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ती असहमति अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी की वरिष्ठ सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में पार्टी के अंदर महिलाओं के प्रति कथित अनुचित व्यवहार, संगठनात्मक माहौल और हाल के विवादों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। हालांकि उन्होंने साफ किया है कि वह पार्टी से अलग नहीं हो रही हैं और एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में जुड़ी रहेंगी।

महिला विरोधी व्यवहार का लगाया आरोप
अपने इस्तीफे में काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि पार्टी के एक अन्य सांसद द्वारा महिला सांसदों के प्रति कथित तौर पर अपमानजनक और महिला विरोधी व्यवहार किया जाता रहा, लेकिन इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने लिखा कि इस मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व से अपेक्षित सहयोग और संवेदनशीलता नहीं मिल सकी। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में महिला संगठन की जिम्मेदारी संभालना कठिन हो गया था।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि लंबे समय तक विचार करने और मानसिक संघर्ष के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। सांसद ने पार्टी में मिले अवसरों और सार्वजनिक जीवन में मिले सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
हाल के विवादों का भी किया उल्लेख
काकोली घोष ने अपने त्यागपत्र में पश्चिम बंगाल में बीते कुछ वर्षों के दौरान सामने आए कई चर्चित मामलों और विवादों का जिक्र किया। उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े उस मामले का उल्लेख किया, जिसमें एक महिला डॉक्टर की मौत के बाद सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। सांसद ने कहा कि इस घटना ने उन्हें व्यक्तिगत और नैतिक रूप से गहराई से प्रभावित किया।
इसके अलावा उन्होंने राशन वितरण से जुड़े आरोपों, शिक्षक भर्ती विवाद और अन्य प्रशासनिक मामलों पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, इन घटनाओं से आम लोगों के बीच राजनीतिक व्यवस्था को लेकर अविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।
पार्टी नहीं छोड़ने की कही बात
हालांकि इस्तीफा देने के बावजूद काकोली घोष दस्तीदार ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम पार्टी छोड़ने की दिशा में नहीं है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी नैतिक जिम्मेदारी से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस के साथ बनी रहेंगी और एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में जनता और बंगाल के हित में काम जारी रखेंगी। राजनीतिक हलकों में इसे संगठन के भीतर असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
चुनावी हार के बाद बढ़ी अंदरूनी हलचल
हाल में हुए पश्चिम Bengal विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल कांग्रेस के भीतर कई स्तरों पर असहमति की खबरें सामने आ रही हैं। चुनावी परिणामों के बाद पार्टी के कुछ नेताओं ने संगठनात्मक कार्यशैली और नेतृत्व को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए हैं। ऐसे समय में महिला विंग की अध्यक्ष का इस्तीफा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि काकोली घोष जैसी वरिष्ठ नेता का सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर करना पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।