MLC Election – उम्मीदवारों के ऐलान से पहले बढ़ी सियासी हलचल
MLC Election – बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एनडीए ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से रविवार देर रात तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख सोमवार है, ऐसे में राजनीतिक दलों के भीतर अंतिम दौर की रणनीति और बैठकों का सिलसिला जारी है।

राजद खेमे में भी उम्मीदवार के नाम को लेकर चर्चा तेज है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पूर्व विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में शामिल है। बताया जा रहा है कि उन्हें आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने के लिए कहा गया है। संभावना जताई जा रही है कि पार्टी अपना प्रत्याशी अंतिम दिन ही मैदान में उतारेगी।
दिल्ली में व्यस्त हैं शीर्ष नेता
राजद नेतृत्व इन दिनों दिल्ली में मौजूद है, जिसके कारण उम्मीदवार की घोषणा में देरी मानी जा रही है। पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी में हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी विपक्षी दलों की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली में रुके हुए हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति को देखते हुए अंतिम निर्णय अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उम्मीदवार के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है और औपचारिक घोषणा जल्द हो सकती है।
एक सीट पर विपक्ष की नजर
विधान परिषद चुनाव में एक उम्मीदवार की जीत के लिए लगभग 25 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता मानी जा रही है। वर्तमान विधानसभा संख्या बल को देखते हुए राजद के लिए एक सीट जीतने की संभावना मजबूत बताई जा रही है। इसी वजह से विपक्षी खेमे का ध्यान फिलहाल एक सुरक्षित सीट पर केंद्रित है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा समीकरणों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है तो विपक्ष अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंच सकता है। हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन और मतदान प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
AIMIM ने भी रखा था दावा
चुनाव प्रक्रिया के बीच एआईएमआईएम ने भी विधान परिषद की एक सीट पर अपना दावा जताया था। पार्टी की बिहार इकाई की ओर से कहा गया था कि पूर्व में राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने विपक्षी गठबंधन का समर्थन किया था और भविष्य में राजनीतिक भागीदारी पर सकारात्मक विचार का आश्वासन मिला था।
हालांकि अब तक इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक सहमति सामने नहीं आई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सीटों की सीमित संख्या के कारण सहयोगी दलों की अपेक्षाओं और वास्तविक समीकरणों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होगा।
नौ सीटों के लिए होगा चुनाव
बिहार विधान परिषद की कुल नौ सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव 18 जून को प्रस्तावित हैं। नामांकन पत्रों की जांच 10 जून को होगी, जबकि उम्मीदवार 11 जून तक अपने नाम वापस ले सकेंगे।
जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें विभिन्न दलों के कई प्रमुख नेता शामिल हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए एनडीए की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। राजनीतिक समीकरणों के अनुसार गठबंधन को अधिकांश सीटों पर बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही अब सभी की नजरें विपक्षी दलों की ओर हैं, जो अपने उम्मीदवारों के नाम और आगे की रणनीति को लेकर जल्द फैसला कर सकते हैं।