Infrastructure – गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा कल्कि धाम, शुरू हुआ सर्वे कार्य
Infrastructure – संभल जिले में स्थित बहुचर्चित कल्कि धाम तक पहुंच को आसान बनाने के लिए नई सड़क परियोजना पर काम आगे बढ़ गया है। प्रस्तावित योजना के तहत गंगा एक्सप्रेसवे को सीधे कल्कि धाम से जोड़ने के लिए फोर लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और भूमि संबंधी औपचारिकताओं के लिए सर्वे का काम भी शुरू कर दिया गया है।

खिरनी इंटरचेंज से कल्कि धाम तक बनेगा नया मार्ग
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रस्तावित सड़क गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज से शुरू होकर वंश गोपाल धाम के रास्ते कल्कि धाम तक पहुंचेगी। इस मार्ग की कुल लंबाई लगभग 39.5 किलोमीटर निर्धारित की गई है। लोक निर्माण विभाग ने सड़क का प्रारंभिक खाका तैयार कर लिया है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए राजस्व विभाग से आवश्यक सहयोग मांगा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थल तक पहुंचने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा समय में कमी आने के साथ-साथ मार्ग भी अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
वर्तमान समय में कल्कि धाम पहुंचने के लिए कई स्थानों पर अपेक्षाकृत संकरी और लंबी सड़कों का उपयोग करना पड़ता है। नई फोर लेन सड़क बनने से यातायात का दबाव कम होगा और बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को नई दिशा दे सकती है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से दूर-दराज के राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
भूमि सर्वे की प्रक्रिया शुरू
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि सड़क निर्माण योजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक भूमि का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने से क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
गुन्नौर में पुराने फारुक गेट को हटाया गया
इसी बीच गुन्नौर नगर पंचायत ने नेहरू चौक के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण अभियान के तहत लगभग 25 वर्ष पुराने फारुक गेट को हटाने की कार्रवाई की है। नगर पंचायत की टीम ने बुलडोजर की मदद से कई घंटे तक अभियान चलाकर गेट के साथ आसपास मौजूद कुछ पुराने ढांचों को भी हटाया।
कार्रवाई के दौरान गोलचक्कर क्षेत्र में लगी स्टील ग्रिल, सोलर पैनल और अन्य संरचनाओं को भी व्यवस्थित रूप से हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कदम चौक को आधुनिक स्वरूप देने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
35 लाख रुपये से होगा नेहरू चौक का कायाकल्प
नगर पंचायत के अधिकारियों के अनुसार नेहरू चौक के विकास पर करीब 35 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत लगभग 19 लाख रुपये की लागत से नया और अधिक चौड़ा प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इसके अलावा शेष राशि से गोलचक्कर का नवीनीकरण, हरित क्षेत्र का विकास, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य कराए जाएंगे।
बताया जाता है कि वर्ष 2000 में निर्मित फारुक गेट का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने किया था। नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि अब क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौक को आधुनिक सुविधाओं के साथ नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा।