ViralFever – मानसून में वायरल फीवर से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
ViralFever- बारिश का मौसम जहां मौसम को सुहावना बना देता है, वहीं इस दौरान वायरल संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। तापमान में लगातार बदलाव, बढ़ी हुई नमी और संक्रमण फैलाने वाले वायरस की सक्रियता के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों में वायरल फीवर के मामले बढ़ सकते हैं। आमतौर पर इसकी शुरुआत गले में खराश, सर्दी या जुकाम से होती है और इसके बाद कई दिनों तक बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी बनी रह सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

हाथों की स्वच्छता को बनाएं आदत
मानसून में संक्रमण फैलाने वाले वायरस और बैक्टीरिया दरवाजों के हैंडल, मोबाइल फोन, रेलिंग और अन्य सतहों पर मौजूद हो सकते हैं। ऐसे में नियमित रूप से साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना जरूरी है। बाहर से घर लौटने के बाद, भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद हाथ साफ करना संक्रमण से बचाव का प्रभावी तरीका माना जाता है। यदि पानी उपलब्ध न हो तो 60 प्रतिशत या उससे अधिक अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए।
संतुलित भोजन से मजबूत रखें प्रतिरक्षा क्षमता
विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली संक्रमण के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दैनिक भोजन में मौसमी फल, हरी सब्जियां, दाल, दूध, दही, अंडा, अदरक, लहसुन और हल्दी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। विटामिन C और जिंक युक्त खाद्य पदार्थ भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। अत्यधिक तला-भुना और जंक फूड खाने से बचना बेहतर रहता है।
साफ पानी पिएं और भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें
बारिश के मौसम में दूषित पानी के कारण कई तरह के संक्रमण फैल सकते हैं। इसलिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया गया पानी पीने की सलाह दी जाती है। खुले में बिकने वाले पेय पदार्थ और बर्फ का उपयोग करने से बचना चाहिए। यदि बारिश में भीग जाएं, तो जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनें और बालों को अच्छी तरह सुखा लें। लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है।
पर्याप्त आराम और भीड़भाड़ से बचाव भी जरूरी
हर दिन 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनी रहती है। तनाव कम रखें और नियमित रूप से हल्का व्यायाम या योग करें। यदि आसपास वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हों, तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें। जरूरत पड़ने पर मास्क का उपयोग करें और किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ तौलिया, पानी की बोतल या अन्य व्यक्तिगत सामान साझा करने से बचें।
शुरुआती लक्षण दिखें तो लापरवाही न करें
यदि बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, नाक बंद होना या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण महसूस हों, तो पर्याप्त आराम करें और शरीर को हाइड्रेट रखें। तेज बुखार, तीन दिन से अधिक समय तक बुखार बने रहना, सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।