झारखण्ड

VoterMapping – मतदाता सूची पुनरीक्षण से पहले मैपिंग अभियान में आई तेजी

VoterMapping – झारखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से पहले मतदाताओं की मैपिंग का कार्य अंतिम चरण में पहुंच रहा है। निर्वाचन विभाग के अनुसार राज्यभर में यह प्रक्रिया 15 जून तक जारी रहेगी। हालांकि कई जिलों में संतोषजनक प्रगति दर्ज की गई है, लेकिन राजधानी रांची सहित कुछ प्रमुख जिलों में अब भी बड़ी संख्या में मतदाताओं की मैपिंग बाकी है।

jharkhand voter mapping drive progress

निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। अब तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में कार्य तेजी से आगे बढ़ा है, लेकिन कुछ शहरी क्षेत्रों में अपेक्षित गति नहीं मिल सकी है।

राज्य में 78 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि राज्य में वर्तमान समय तक 78.60 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। कुल 2 करोड़ 8 लाख से अधिक मतदाताओं का विवरण सत्यापित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि 23 मई को अनमैप्ड मतदाताओं की सूची सार्वजनिक किए जाने के बाद अभियान में उल्लेखनीय तेजी आई है।

विभाग के अनुसार सूची प्रकाशित होने के बाद करीब 14 लाख से अधिक मतदाताओं की अतिरिक्त मैपिंग की गई है। अब शेष मतदाताओं तक पहुंचने के लिए बूथ स्तर पर भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

रांची में सबसे अधिक कार्य शेष

राजधानी रांची इस अभियान में अपेक्षाकृत पीछे दिखाई दे रही है। जिले में अब तक केवल 65.84 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो सकी है। इसका अर्थ है कि लगभग एक-तिहाई मतदाताओं का सत्यापन अभी बाकी है।

रांची जिले की कई विधानसभा सीटों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। हटिया क्षेत्र में लगभग आधे मतदाताओं की मैपिंग अभी तक नहीं हो सकी है। इसी प्रकार रांची विधानसभा क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया से बाहर हैं। कांके, खिजरी, तमाड़, सिल्ली और मांडर जैसे क्षेत्रों में भी कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

अन्य बड़े जिलों में भी लंबित है प्रक्रिया

निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार हजारीबाग, धनबाद और पूर्वी सिंहभूम जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी 30 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग शेष है। इन जिलों में अधिकारियों को अभियान की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी की जा सके।

वहीं लोहरदगा, पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा और दुमका जैसे जिलों में बेहतर प्रगति दर्ज की गई है, जहां अधिकांश मतदाताओं का सत्यापन पूरा हो चुका है।

मतदाता ऐसे कर सकते हैं अपना सत्यापन

निर्वाचन विभाग ने अनमैप्ड मतदाताओं के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। अधिकारी ने बताया कि मतदाता डिजिटल माध्यम से अपने बूथ स्तर अधिकारी की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित ऐप और आधिकारिक वेबसाइट पर विशेष व्यवस्था की गई है।

मतदाता अपने पहचान पत्र का विवरण दर्ज कर संबंधित अधिकारी का नाम और संपर्क नंबर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा वेबसाइट पर उपलब्ध सूची के माध्यम से भी यह जांचा जा सकता है कि उनका नाम मैपिंग प्रक्रिया में शामिल हुआ है या नहीं।

लोगों से सहयोग की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि जिन मतदाताओं का सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, वे जल्द से जल्द अपने बूथ स्तर अधिकारी से संपर्क करें। उनका कहना है कि व्यापक और सटीक मतदाता सूची तैयार करने में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

निर्वाचन विभाग का लक्ष्य तय समय सीमा के भीतर शेष सभी मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर आगामी पुनरीक्षण प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न करना है।

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